उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन की राहतभरी शुरुआत, 86 घटनाएं दर्ज, गढ़वाल सबसे ज्यादा प्रभावित
देहरादून: उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 2026 के शुरुआती डेढ़ महीने राहतभरे भी रहे हैं। 15 फरवरी से अब तक राज्य में कुल 86 वनाग्नि की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक मामले गढ़वाल मंडल से ही सामने आए हैं।
इन घटनाओं में 45.85 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित भी हुआ है। इसमें 3.35 हेक्टेयर वन्यजीव क्षेत्र व 42.5 हेक्टेयर गढ़वाल मंडल के जंगल शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि इस बार आग का सबसे ज्यादा असर गढ़वाल क्षेत्र में ही देखने को भी मिला।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मार्च में समय-समय पर हुई बारिश व मौसम में बनी नमी ने आग फैलने की घटनाओं को काफी हद तक कम भी किया। इसके साथ ही वन विभाग की बढ़ी हुई सतर्कता भी राहत का बड़ा कारण भी बनी।
वन मंत्री ने कहा कि विभाग ने इस बार पहले से ज्यादा सक्रियता दिखाई है। पीसीसीएफ स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों में नोडल अधिकारी बनाकर भेजा गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर बेहतर निगरानी व समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी इस अभियान से जोड़ते हुए जंगलों के आसपास रहने वाले समुदायों को जागरूक भी किया गया है, ताकि आग लगने पर तुरंत सूचना और शुरुआती नियंत्रण में मदद भी मिल सके।
हालांकि विभाग का मानना है कि अप्रैल व मई सबसे संवेदनशील महीने होते हैं, इसलिए आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने के साथ सतर्कता और भी बढ़ाई जाएगी। फिलहाल शुरुआती आंकड़े राहत देने वाले हैं, लेकिन असली चुनौती अभी बाकी ही है।