किसान दिवस पर उठी ‘किसान राष्ट्र’ की मांग, शैलेन्द्र योगिराज सरकार का बड़ा बयान
किसान दिवस के अवसर पर किसान राष्ट्र की मांग एक बार फिर से जोरदार तरीके से उठी। विश्व के पहले किसान देवता मंदिर के किसान पीठाधीश्वर शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने चौधरी चरण सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया व कहा कि देश को हिन्दू राष्ट्र नहीं बल्कि किसान राष्ट्र घोषित किया जाना चाहिए।
शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है व भारत की आत्मा किसानों में बसती है। पेट अन्न से भरता है और अन्न किसान पैदा करता है, इसलिए देश की असली रीढ़ किसान ही है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक समृद्धि और विकास का रास्ता गांवों से होकर गुजरता है और समाज के हर वर्ग—चाहे वह डॉक्टर, इंजीनियर, जज या पत्रकार हों—किसान के ही वंशज भी हैं।
उन्होंने धार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि त्रेतायुग में प्राण रक्त में, द्वापरयुग में मांस में और कलयुग में प्राण अन्न में निवास भी करते हैं। अन्न के बिना जीवन की कल्पना संभव ही नहीं है और यह अन्न किसान ही पैदा करता है। इसलिए सरकार को भारत को किसान राष्ट्र घोषित भी करना चाहिए।
किसान पीठाधीश्वर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो आने वाले समय में देशव्यापी आंदोलन भी किया जाएगा।