देहरादून: राज्य स्थापना दिवस पर कॉमेडी शो को लेकर बवाल, सरकार और विपक्ष आमने-सामने

देहरादून: उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मनाए जा रहे रजत जयंती वर्ष की शुरुआत 1 नवंबर से भी हुई। राज्य स्थापना दिवस के तहत आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत एक कॉमेडी शो से हुई, जिसे लेकर प्रदेशभर में विवाद ही खड़ा हो गया है।

सांस्कृतिक आयोजनों के तहत संस्कृति विभाग ने हिमालय कल्चर सेंटर में ‘निनाद’ कार्यक्रम आयोजित भी किया, जबकि पर्यटन विभाग और उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) ने अपने परिसर में देशभर के हास्य कलाकारों को बुलाकर कॉमेडी शो का आयोजन भी किया।

विवाद की वजह बना कॉमेडी शो

राज्य स्थापना दिवस जैसे ऐतिहासिक अवसर पर कॉमेडी फेस्ट आयोजित किए जाने को लेकर कई लोगों ने सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि राज्य की स्थापना जैसे गंभीर मौके पर ऐसा मनोरंजन कार्यक्रम अनुचित है और यह आयोजनकर्ताओं की राज्य स्थापना दिवस के प्रति संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाता है।

बीजेपी विधायक विनोद चमोली ने कहा, “मुझे इस कार्यक्रम की जानकारी नहीं है। आयोजकों से जरूर पूछा जाना चाहिए कि इस कॉमेडी फेस्ट का उद्देश्य आखिर क्या था।”

सरकार का पक्ष

विवाद बढ़ने पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण भी दिया। उन्होंने कहा कि कॉमेडी शो पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था और इसमें कोई आपत्तिजनक बात ही नहीं थी।
महाराज ने कहा, “इस शो में शामिल सभी कलाकार उत्तराखंड प्रेमी हैं। राज्य सरकार चाहती है कि फिल्म व मनोरंजन उद्योग से जुड़े लोग यहां आएं और काम करें। रजत जयंती वर्ष के मौके पर यह आयोजन सफल भी रहा है।”

कांग्रेस ने साधा निशाना

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सरकार पर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने कहा, “सतपाल महाराज का यह बयान उन सभी लोगों के मुंह पर तमाचा है, जो कह रहे थे कि कॉमेडी शो सरकारी कार्यक्रम ही नहीं है।”
गरिमा दसौनी ने आरोप लगाया कि, “राज्य में जहां लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहां सरकार फूहड़ मनोरंजन पर पैसा भी खर्च कर रही है। इन कार्यक्रमों में महंगे टिकट रखे गए, जिससे साफ है कि यह आम जनता के लिए नहीं बल्कि पैसे कमाने का जरिया ही था।”