उत्तराखंड विशेष सत्र से पहले कांग्रेस की रणनीति तैयार — आपदा राहत, विकास योजनाओं और जनता के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी विपक्ष
देहरादून: उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर आयोजित होने वाले 2 दिवसीय विशेष सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति भी तय कर ली है। रविवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें सभी विधायकों ने जनता से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा भी की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि विशेष सत्र में विपक्ष राज्य के विकास, आपदा राहत व बंद की गई जनकल्याणकारी योजनाओं के मुद्दे प्रमुखता से उठाएगा।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में आई आपदाओं से भारी नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार की ओर से प्रभावितों को अभी तक पर्याप्त राहत ही नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा, “धराली आपदा में जनहानि की सही जानकारी तक सरकार के पास ही नहीं है। ऐसे समय में जब सरकार को पीड़ितों के साथ खड़ा होना चाहिए, तब मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।”
आर्य ने आगे कहा कि राज्य गठन के बाद कांग्रेस सरकारों ने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें बंद ही कर दिया। विपक्ष इन योजनाओं को फिर से बहाल करने व जनता से किए वादों पर जवाब मांगने की तैयारी में भी है।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, विधायक अनुपमा रावत, विक्रम नेगी, लखपत बुटोला, ममता राकेश व आदेश चौहान समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि विशेष सत्र में वह “जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाने” और “सरकार की जवाबदेही तय करने” के लिए पूरी मजबूती से सदन में उतरने भी वाली है।