कुंभ की बदलती तस्वीर पर चिंता, धर्मनगरी के स्वरूप बचाने की अपील
हरिद्वार: कुंभ मेले की बदलती व्यवस्था व स्वरूप को लेकर भूमा निकेतन के प्रबंधक राजेंद्र ने चिंता भी जताई है। उन्होंने कहा कि पहले कुंभ में सीमित संसाधनों के बावजूद आध्यात्म व साधना की झलक साफ दिखाई देती थी, लेकिन अब भव्यता के बीच मूल स्वरूप कमजोर पड़ता भी जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले संत रेत के टीलों व मचानों पर तप और साधना करते थे, जबकि अब भूमि आवंटन व निर्माण कार्यों ने स्वरूप बदल दिया है। आरोप लगाया कि कई स्थानों पर अवैध कब्जे और निर्माण हो गए हैं, जिससे धर्मनगरी की पहचान प्रभावित भी हो रही है।
राजेंद्र ने सरकार, प्रशासन व संत समाज से अपील की है कि हरिद्वार के आध्यात्मिक स्वरूप को संरक्षित करने के लिए ठोस कदम भी उठाए जाएं।