मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर्षिल में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की तैयारियों का निरीक्षण किया

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम नरेंद्र मोदी के आगामी 27 फरवरी को हर्षिल में होने वाले दौरे की तैयारियों का निरीक्षण किया। पीएम मोदी इस दिन मुखबा में मां गंगा के दर्शन करेंगे। उनके दौरे के दौरान शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे लोगों और गंगोत्री-यमुनोत्री धाम को महत्वपूर्ण सौगात मिलने की उम्मीद भी है।

मुखबा में मंदिर समिति से मुलाकात

मुख्यमंत्री धामी ने यहां मंदिर समिति के सदस्यों से मुलाकात की और मां गंगा के दर्शन करने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जहां भी गए, वहां श्रद्धालुओं और यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने केदारनाथ और माणा का उदाहरण देते हुए कहा कि इन स्थानों का विकास हुआ है।

सीएम का बयान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड के लिए शुभ हैं और उनके मुखबा और हर्षिल दौरे से इन स्थानों की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई दिशा मिलेगी। उनका कहना था कि पीएम के दौरे से शीतकालीन यात्रा को नया आयाम मिलेगा।

खेलभूमि के रूप में पहचान बना रही देवभूमि

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं, जैसे पीएम इन्वेस्टर समिट में साढ़े तीन लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए। इसके अलावा देवभूमि को अब खेलभूमि के रूप में भी पहचाना जा रहा है।

मुखबा और हर्षिल में तैयारी का जायजा

सीएम से पहले मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भी हर्षिल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया था। इसके अलावा, सचिवालय में पीएम के दौरे के लिए एक समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर अधिकारी तेजी से तैयारियों में जुटे हुए हैं।

स्थानीय उत्पादों और परंपरा की प्रदर्शनी

मुखबा में प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए स्थानीय उत्पादों और परंपरा से संबंधित एक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही जाड़ समुदाय के लोगों से पीएम के स्वागत पर भी चर्चा की गई।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर ध्यान

प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान हर्षिल, मुखबा और बगोरी में सड़क और पैदल मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने के साथ-साथ मुखबा में व्यू प्वाइंट और हेलिपैड को सड़क से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।