कैबिनेट बदलाव से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का एलान, कई नामों की चर्चा

उत्तराखंड में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट में बदलाव की चर्चाएँ तेज़, नवरात्र तक हो सकता है फैसला

उत्तराखंड में बीजेपी में प्रदेश अध्यक्ष और मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर सियासी हलकों में चर्चा का दौर जारी ही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के बुधवार को दिल्ली दौरे के बाद इन बदलावों की संभावना को लेकर कयास भी लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व इन निर्णयों को नवरात्र तक अंतिम रूप भी दे सकता है। सीएम आज गुरुवार को दिल्ली से लौट आएंगे।

कैबिनेट में फेरबदल की बात करें तो केंद्रीय नेताओं से पहले चर्चा की जाएगी। यह सिलसिला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की बंगलुरू में होने वाली प्रतिनिधि सभा के बाद शुरू भी हो सकता है। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष इस प्रतिनिधि सभा में शामिल भी होंगे, जो 21 से 23 मार्च तक आयोजित की जाएगी। माना जा रहा है कि धामी सरकार अपने 3 साल पूरे होने का जश्न मौजूदा मंत्रिमंडल के साथ ही मनाएगी। 23 मार्च को सरकार के 3 साल पूरे हो जाएंगे, और इसके बाद मुख्यमंत्री केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करने के लिए दिल्ली जा सकते हैं। तब तक केंद्रीय नेताओं के आरएसएस प्रतिनिधि सभा से लौटने की संभावना है, और इसके बाद ही कैबिनेट फेरबदल पर भी कोई निर्णय लिया जा सकता है।

प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में कई नाम

बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में कई नाम चर्चा में हैं। इनमें वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष और सांसद महेंद्र भट्ट का नाम फिर से चर्चा में है, हालांकि पिछले कुछ दिनों से भट्ट अपने बयानों और बेटे के भूमि सौदे को लेकर सोशल मीडिया पर विरोधियों के निशाने पर भी हैं। इसके अलावा, बीजेपी के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी का नाम भी सामने आ रहा है।

यदि पार्टी ब्राह्मण चेहरे के बजाय दलित चेहरे को तरजीह देती है, तो पूर्व कैबिनेट मंत्री खजानदास का नाम भी गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही, वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली का नाम भी इस दौड़ में शामिल है। महिला चेहरे के रूप में विधायक आशा नौटियाल और महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज के नाम भी चर्चा में हैं। इसके अलावा, कई युवा नेताओं व अन्य विधायकों के नाम भी इस पद के लिए संभावित दावेदारों में शामिल हैं।

सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नवरात्र तक पार्टी किस दिशा में निर्णय लेती है और कौन बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उभरकर सामने आता है।