Attack and counter-attack Harak said- by putting a cap on the monkey's head, it starts dancing, Bhatt said- this is his pain coming out
प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर बंदर के सिर पर टोपी पहना दी जाए तो वह नाचने लगता है। उन्होंने भट्ट को अनुभवहीन करार दिया और राज्य सरकार के 3 साल के कार्यकाल को भी निराशाजनक बताया।
भट्ट को किया निशाना
गुरुवार को मीडिया से बातचीत में हरक सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर निशाना साधते हुए कहा कि उम्र और अनुभव के मामले में उन्होंने बहुत कुछ सीख लिया है, और अब वह उस स्थिति में हैं जहाँ यह स्थितियां बन रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर बंदर के सिर पर टोपी पहना दी जाए तो वह नाचने लगता है।” इसके बाद, उन्होंने बताया कि जब वे 1992 में उत्तर प्रदेश में मंत्री बने थे, तब उनकी उम्र महज 27 साल थी और उस वक्त सचिव स्तर के अधिकारी उन्हें ‘सर-सर’ कहकर संबोधित करते थे। इस दौरान उनका मन भी भटक गया था, लेकिन एक दिन अचानक सरकार का पतन हो गया और उन्हें अपनी असली स्थिति का एहसास भी हुआ।
राजनीतिक अनुभव पर चर्चा
हरक सिंह ने अपने राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि छोटे से उम्र में उन्हें जो अनुभव मिला, उसने उन्हें आज की स्थिति तक पहुँचाया। उन्होंने कहा, “जो लोग छोटे आयु में अनुभव प्राप्त करते हैं, उन्हें कभी किसी स्थिति से दुखी नहीं होते। यह सब क्षणिक होता है।” उन्होंने सरकार के कामकाज पर भी टिप्पणी की और कहा कि सरकार में काम करने का तरीका गलत है और इसी कारण गलतियां भी हो रही हैं।
धामी सरकार के कार्यकाल पर कड़ी टिप्पणी
हरक सिंह रावत ने धामी सरकार के 3 साल के कार्यकाल को निराशाजनक बताते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में परिपक्वता की कमी है और सरकार के सदस्य अनुभवहीन हैं। इस वजह से विधानसभा के भीतर और बाहर माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने प्रदेश में पेपर लीक मामले, सरकारी पदों की रिक्तता और कई विभागों में कर्मचारियों के निकालने पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह सब सरकार की नाकामी को भी दर्शाता है।”
महेंद्र भट्ट का जवाब
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने हरक सिंह रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह वरिष्ठ नेता हैं और उनके बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है। भट्ट ने कहा, “यह हरक सिंह रावत नहीं, बल्कि उनका दर्द बोल रहा है। वह जिस चीज के आदी हैं, अब उसके लिए भी तरस रहे हैं।”
