भारत-पाक तनाव के बीच केदारनाथ की हेलिकॉप्टर सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद, सुरक्षा कारणों से बुकिंग भी हो रही रद्द

देहरादून। भारत – पाकिस्तान के बीच जारी तनाव का असर अब उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन पर भी पड़ने लगा है। केदारनाथ धाम के लिए चल रही हेलिकॉप्टर सेवा को अग्रिम आदेश तक के लिए बंद भी कर दिया गया है। इसके साथ ही हेलिकॉप्टर व होटलों की कई बुकिंग्स भी रद्द होने लगी हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग पर संकट भी मंडराने लगा है।

आज शनिवार को भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चौथे दिन में प्रवेश कर गया और सरहद पर हालात और भी अधिक तनावपूर्ण हो गए। पाकिस्तान की ओर से 26 भारतीय शहरों को निशाना भी बनाए जाने की कोशिश की गई, जिसे भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक विफल भी कर दिया। जवाबी कार्रवाई में भारत ने भी पाकिस्तान के मंसूबों को करारा जवाब दिया।


साइबर मोर्चे पर भी सतर्क भारत, एसटीएफ अलर्ट

वहीं, सीमा तनाव के बीच साइबर हमले की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड एसटीएफ ने अपने साइबर कमांडो भी सक्रिय कर दिए हैं। एक विशेष निगरानी टीम का गठन कर सभी वेब गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

डीजीपी दीपम सेठ ने एसटीएफ को निर्देश दिए हैं कि किसी भी संदिग्ध लिंक या गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर संदिग्ध लिंक और भ्रामक पोस्ट लगातार सामने आ रही हैं, जिससे साइबर हमले की संभावना को बल भी मिला है।


एसटीएफ की एडवाइजरी: क्या करें, क्या न करें

प्रदेशवासियों के लिए एसटीएफ की ओर से एडवाइजरी भी जारी की गई है जिसमें नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह भी दी गई है:

क्या करें:

  • केवल अधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी ही साझा करें।
  • किसी भी फोटो, वीडियो या खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
  • फर्जी खबरों या संदिग्ध लिंक की तुरंत रिपोर्ट करें।

क्या न करें:

  • सेना की गतिविधियों से संबंधित कोई जानकारी सार्वजनिक न करें।
  • अफवाहें फैलाने वाले संदेशों को साझा न करें।
  • किसी भी अनजान लिंक या अटैचमेंट को न खोलें।

आस्था से लेकर सुरक्षा तक, देश तैयार

केदारनाथ यात्रा पर रोक और साइबर सतर्कता से यह साफ है कि देश हर मोर्चे पर सतर्क है—चाहे वह सीमावर्ती सुरक्षा हो, डिजिटल मोर्चा हो या आंतरिक व्यवस्था। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आस्था व सुरक्षा दोनों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।