भाईचारे की अनोखी तस्वीर: काशीपुर के मोहम्मद उमर बेच रहे हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां, बोले—मिलता है भरपूर प्यार और सम्मान
रामनगर में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, मुस्लिम बुजुर्ग वर्षों से बेच रहे देवी-देवताओं की मूर्तियां
रामनगर में सांप्रदायिक सौहार्द व भाईचारे की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही है। काशीपुर निवासी 70 वर्षीय मोहम्मद उमर कई वर्षों से हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां बेचकर लोगों के बीच आपसी सद्भाव का संदेश भी दे रहे हैं। धार्मिक आयोजनों और मेलों में उनकी दुकान श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र भी बनी रहती है।
शिवरात्रि, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा व अन्य धार्मिक अवसरों पर लगने वाले मेलों में विभिन्न धर्मों के व्यापारी व कारीगर अपने उत्पाद बेचते हैं। इन्हीं में मोहम्मद उमर भी शामिल हैं, जो राम दरबार, शिव परिवार, मां दुर्गा, खाटू श्याम व गणपति की मूर्तियां बेचते हैं। वे इन मूर्तियों को मथुरा, आगरा व मेरठ जैसे शहरों से लाकर मेलों और बाजारों में बेचते हैं।
उनकी दुकान पर 100 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध रहती हैं, जिन्हें श्रद्धालु आस्था के साथ खरीदते भी हैं। मोहम्मद उमर का कहना है कि वह हर धर्म का सम्मान करते हैं और यह काम उन्हें आत्मिक संतोष भी देता है। उनके पास आने वाले लोग भी उन्हें पूरा सम्मान देते हैं, जो समाज में भाईचारे व आपसी सद्भाव की मिसाल पेश करता है।