Focus on financial self-reliance at 'Nivesh Kumbh'; methods to guard against cyber fraud shared
देहरादून। वित्तीय लक्ष्यों और जरूरतों को समझकर सही तरीके से निवेश करने से वित्तीय आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है। हालांकि, सुरक्षित निवेश के नाम पर अपने निवेश के विकल्पों को इतना सीमित नहीं करना चाहिए कि अपेक्षित लाभ ही न मिल सके। यह बात शुक्रवार को अमर उजाला और आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड की ओर से आयोजित निवेश कुंभ में वित्तीय विशेषज्ञों ने कही। हरिद्वार बाईपास पर आईएसबीटी के पास स्थित होटल गेटवे में आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षित निवेश, वित्तीय आत्मनिर्भरता और साइबर जागरूकता जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी लिमिटेड के इन्वेस्टर एजुकेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन डेवलपमेंट के हेड सिद्धार्थ दमानी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति सुरक्षित निवेश करना चाहता है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर निवेश को सीमित करना भी सही नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जरूरतों को समझना जरूरी है। वित्तीय स्वतंत्रता तब हासिल होती है, जब व्यक्ति की मेहनत से कमाया गया पैसा भी उसके लिए कमाई करने लगे। इसके लिए निवेश को लेकर सही सोच विकसित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में केवल बचत करना पर्याप्त नहीं है। लोगों को तात्कालिक सुविधाओं और खर्चों के आकर्षण से बाहर निकलकर भविष्य के लिए निवेश करने की आदत विकसित करनी चाहिए। अक्सर लोग निवेश के फैसले को भविष्य पर टालते रहते हैं, जो वित्तीय स्वतंत्रता की राह में बाधा बनता है। उन्होंने खराब आर्थिक परिस्थितियों में भावनाओं पर नियंत्रण रखने और सोच-समझकर निवेश संबंधी फैसले लेने की सलाह दी। साथ ही कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में युवा आबादी, डिजिटल तकनीक को अपनाने की क्षमता और मजबूत अर्थव्यवस्था की अहम भूमिका होगी। शिक्षित और जागरूक निवेशक देश की आर्थिक प्रगति को गति दे सकते हैं।
इस दौरान एसएन इन्वेस्टमेंट के संस्थापक पंकज जायसवाल, नरूला इन्वेस्टमेंट के संस्थापक मनोज कुमार नरूला, स्टर्लिंग पोर्टफोलियो के संस्थापक राजेंद्र बिष्ट और फाइनेंशियल पांडा के संस्थापक अमित पांडे ने निवेश के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने लोगों के सवालों के जवाब देते हुए निवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं।
निवेश में सत्यनिष्ठा से समृद्धि को बनाएं मूलमंत्र
कार्यक्रम में इन्वेस्टर एजुकेशन के जोनल हेड ललित शर्मा ने बताया कि इस वर्ष सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रखी गई है। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों सहित सेबी, ईपीएफओ, म्यूचुअल फंड तथा अन्य सार्वजनिक उपक्रमों में ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए अपनी पूंजी की क्रय शक्ति बनाए रखना जरूरी है। लोगों को केवल बचतकर्ता बने रहने के बजाय निवेशक बनने की दिशा में कदम बढ़ाने चाहिए। उन्होंने म्यूचुअल फंड के विभिन्न विकल्पों, उनके फायदों और निवेश के तरीकों की जानकारी दी। इसके साथ ही एसेट एलोकेशन, म्यूचुअल फंड स्कीम और सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) के बारे में भी विस्तार से समझाया।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराते हैं साइबर ठग, लालच और भय से बचने की सलाह
कार्यक्रम के साइबर जागरूकता सत्र में साइबर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र नबलियाल ने लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क किया। उन्होंने कहा कि साइबर ठग लोगों के डर और लालच का फायदा उठाकर उन्हें अपना शिकार बनाते हैं। इसलिए निवेश और ऑनलाइन लेनदेन करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
उन्होंने डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। इस तरह की धमकियां मिलने पर घबराने के बजाय परिवार के सदस्यों से बात करनी चाहिए और संबंधित एजेंसियों को इसकी सूचना देनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
साइबर थाने के एसआई मनोज बेंजवाल ने साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने मोबाइल में टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय रखने, मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करने और बिना जरूरत अपनी लोकेशन साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि फोन चोरी या गुम होने पर संचार साथी पोर्टल और एप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। वहीं, महिलाओं को फोन या मैसेज के जरिए बार-बार परेशान किए जाने की स्थिति में चक्षु पोर्टल का इस्तेमाल करने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से आर्थिक ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने साइबर बुलिंग, साइबर स्टॉकिंग और एटीएम से जुड़े अपराधों से बचाव के तरीके भी बताए। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को सुरक्षित निवेश के साथ-साथ डिजिटल दुनिया में सतर्क और जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
