Amidst the cold in Gairsain, the political temperature is rising; government and opposition face off in the final session.
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मौसम ठंडा है, लेकिन अब सियासी पारा चढ़ने लगा है। धामी सरकार के अंतिम विधानसभा सत्र में सत्ता पक्ष व विपक्ष एक-दूसरे के सवालों का जवाब देने की तैयारी में हैं। सरकार जहां अपनी उपलब्धियां गिनाने व विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति बना रही है, वहीं विपक्ष ने जनहित के मुद्दों पर सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेरने की तैयारी भी की है।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में पहली बार भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित भी हो रहा है। यहां शाम होते ही तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ रही है, लेकिन सियासी हलचल तेज ही है। चुनावी वर्ष को देखते हुए सरकार और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने मुद्दों को प्रमुखता से भी उठाने की तैयारी में हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास प्रदर्शन करने के अलावा कुछ भी नहीं है और वह राज्य के विकास को रोकने का काम भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष के सकारात्मक सवालों का जवाब भी दिया जाएगा।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर जनहित के मुद्दों से बचने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में 2 दिन का सत्र आयोजित करना जनता के मुद्दों के साथ न्याय नहीं है। चुनावी वर्ष में विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सदन में उठाना भी चाहते हैं, लेकिन सरकार सदन को लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप संचालित ही नहीं करना चाहती। यशपाल आर्य के मुताबिक, सरकार के रवैये के विरोध में कांग्रेस सड़क पर उतरकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष भी कर रही है।
ऐसे में गैरसैंण के इस दो दिवसीय सत्र में अनुपूरक बजट के साथ-साथ सरकार व विपक्ष के बीच सियासी टकराव भी देखने को मिल सकता है।
