नगरासू गुरुद्वारा विवाद पर सियासत तेज, भाकपा (माले) और कांग्रेस ने उठाए जांच पर सवाल
रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारा विवाद व कर्णप्रयाग झड़प मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाकपा (माले) ने दोनों मामलों की जांच को लेकर कई सवाल भी उठाए हैं, जबकि कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि कर्णप्रयाग में दर्ज एफआईआर व क्रॉस एफआईआर की जांच हरिद्वार स्थानांतरित किए जाने के फैसले पर सवाल भी खड़े होते हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर स्थानीय पुलिस या अन्य नजदीकी जिलों की बजाय हरिद्वार को जांच क्यों ही सौंपी गई।
मैखुरी ने नगरासू गुरुद्वारा कब्जा प्रकरण को कर्णप्रयाग की घटना से जोड़ने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस संबंध में तथ्यात्मक जांच भी होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं इन घटनाओं का इस्तेमाल राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए तो नहीं ही किया जा रहा।
वहीं कांग्रेस नेता मुकेश नेगी ने कहा कि दोनों मामलों की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इन घटनाओं को सांप्रदायिक रंग देकर उत्तराखंड व पंजाब के बीच विवाद का रूप देने की कोशिश भी कर रहे हैं, जिस पर रोक लगनी चाहिए।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा व भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पार्टी नेताओं का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को जवाबदेही भी तय करनी चाहिए।