Major relief for industrial entrepreneurs the process for converting land to non-agricultural use will now be online.
उत्तराखंड में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को अब जमीन को गैर-कृषि घोषित कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन व समयबद्ध बनाने का फैसला भी किया है।
नई व्यवस्था के तहत उद्योग स्थापना के लिए भूमि क्रय की अनुमति मिलने के बाद आवेदक को अलग से गैर-कृषि उपयोग (धारा-143) के लिए आवेदन ही नहीं करना होगा। ई-भू अनुमति पोर्टल पर स्वतः ही आवेदन का विकल्प उपलब्ध हो जाएगा व संबंधित जिले के राजस्व विभाग को इसकी सूचना भी पहुंच जाएगी।
राजस्व परिषद की सचिव रंजना राजगुरु के अनुसार, सरलीकरण के उद्देश्य से धारा-143 की प्रक्रिया को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ भी दिया गया है। संबंधित अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर आवेदन पर निर्णय भी लेना होगा।
यदि निर्धारित समय सीमा में कोई फैसला ही नहीं लिया जाता है, तो प्रक्रिया स्वतः पूरी मानी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से निवेशकों को राहत मिलेगी व राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
