Eco-tourism boom in Uttarakhand Dehradun Zoo and Lachhiwala break all records.
उत्तराखंड अब केवल चारधाम यात्रा व धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रह गया है। राज्य में इको टूरिज्म तेजी से लोकप्रिय भी हो रहा है, जिसका प्रमाण देहरादून चिड़ियाघर व लच्छीवाला नेचर पार्क में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या भी है।
14 जून 2026 को देहरादून चिड़ियाघर ने नया इतिहास रचते हुए एक ही दिन में 10,621 पर्यटकों का स्वागत भी किया। इसके साथ ही चिड़ियाघर को 7.09 लाख रुपये से अधिक का रिकॉर्ड राजस्व भी प्राप्त हुआ, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा भी है। इससे पहले 22 मार्च 2026 को 10,148 पर्यटकों का रिकॉर्ड दर्ज भी किया गया था।
वहीं, लच्छीवाला नेचर पार्क में भी 14 जून को पर्यटकों की भारी भीड़ भी उमड़ी। एक दिन में 7,322 लोगों ने पार्क का भ्रमण भी किया, जिससे वन विभाग को करीब 5.90 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त भी हुआ। यह आंकड़ा लच्छीवाला के पुराने रिकॉर्ड से काफी अधिक भी है।
मुख्य वन संरक्षक (इको टूरिज्म) पीके पात्रो के अनुसार, इको टूरिज्म स्थलों पर बढ़ती पर्यटक संख्या राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए उत्साहजनक संकेत भी है। हालांकि इसके साथ पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना व पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना भी बड़ी चुनौती भी है।
वन विभाग राज्य के विभिन्न जिलों में नए इको टूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित करने पर काम भी कर रहा है। विभाग का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बढ़ती पर्यटक संख्या यह संकेत दे रही है कि उत्तराखंड प्रकृति आधारित पर्यटन के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर भी रहा है।
