Proposals for 10 major drinking water projects in Uttarakhand have been sent to the Centre; work will begin soon.
उत्तराखंड में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम भी उठाया गया है। राज्य सरकार ने विश्व बैंक के वित्त पोषण से पहले चरण में विकसित की जाने वाली 10 पेयजल योजनाओं का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भी भेज दिया है। प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
विश्व बैंक की सहायता से राज्य में करीब 1200 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाओं को स्वीकृति भी मिली हुई है। पहले चरण में लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 परियोजनाओं को चिन्हित कर केंद्र को भी भेजा गया है। इनमें सेलाकुई, बागेश्वर, भवाली, भीमताल, गोपेश्वर, रानीपोखरी और रुड़की क्षेत्र की पेयजल योजनाओं के साथ हल्द्वानी वितरण योजना व पशुलोक ऋषिकेश परियोजना शामिल भी हैं।
पेयजल निगम के मुख्य अभियंता संजय सिंह ने बताया कि एक वितरण योजना और 9 पेयजल योजनाओं का प्रस्ताव पहले चरण में भेजा गया है। केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू भी किया जाएगा। इसके बाद अगले चरण में अन्य पेयजल योजनाओं को शामिल भी किया जाएगा।
इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश के कई शहरों व कस्बों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद भी है।
