उत्तराखंड में बिजली की मांग बढ़ी, तीन साल पुराना रिकॉर्ड टूटने के आसार

प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी के साथ बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ भी रही है। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के मुताबिक इस साल बिजली की खपत 3 साल पुराने रिकॉर्ड के करीब पहुंच भी रही है। गर्मी के बढ़ते असर व इंडक्शन उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली आपूर्ति पर करीब 100 मेगावाट का अतिरिक्त भार भी बढ़ गया है।

जानकारी के अनुसार, एक मई को प्रदेश में बिजली की मांग करीब 4 करोड़ यूनिट थी, जो अब बढ़कर लगभग 6 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। वर्ष 2023 में प्रदेश में बिजली की मांग 6.6 करोड़ यूनिट तक दर्ज भी की गई थी। ऐसे में यूपीसीएल प्रबंधन इस साल नया रिकॉर्ड बनने की संभावना को देखते हुए तैयारी में भी जुटा है।

यूपीसीएल के एमडी जीएस बुदियाल ने बताया कि वर्तमान मांग के अनुसार बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है और कहीं भी घोषित या अघोषित कटौती भी नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में ही बढ़ती मांग को लेकर तैयारियां पूरी भी कर ली गई थीं। काशीपुर स्थित गैस आधारित ऊर्जा परियोजना ‘गामा’ से भी जल्द करीब 75 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने भी लगेगी।

वहीं, यूपीसीएल के निदेशक परिचालन एमआर आर्य लगातार बिजली आपूर्ति और मांग की लाइव मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि निगम का सॉफ्टवेयर हर 15 मिनट में केंद्रीय पूल, राज्य पूल व सोलर ऊर्जा की जानकारी अपडेट करता है, जिससे बिजली प्रबंधन पर लगातार नजर भी रखी जा रही है।