उत्तरकाशी में देर रात भूकंप के झटके, लोगों में दहशत का माहौल

उत्तरकाशी मुख्यालय व आसपास के इलाकों में देर रात हल्के भूकंप के झटके भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में कुछ देर के लिए दहशत भी फैल गई। रात के समय अचानक धरती कांपने पर कई लोग घरों से बाहर भी निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना भी नहीं है।

जानकारी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.4 भी मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से उत्तर-पूर्व दिशा में करीब 4 किलोमीटर दूर और 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। झटके मुख्यालय सहित आसपास के कुछ क्षेत्रों में महसूस भी किए गए।

भूकंप के बाद जिला प्रशासन व आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया। जिला आपदा अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि फिलहाल कहीं से भी नुकसान की सूचना ही नहीं मिली है और स्थिति पर लगातार नजर भी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने व जरूरत पड़ने पर आपदा कंट्रोल रूम से संपर्क करने की अपील भी की है।

उत्तरकाशी भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र भी माना जाता है। हिमालयी क्षेत्र में लगातार भूगर्भीय हलचल के चलते यहां समय-समय पर भूकंप के झटके भी महसूस होते रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे भूकंप कई बार धरती के भीतर जमा ऊर्जा को बाहर निकालने का काम करते हैं, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बेहद ही जरूरी होती है।

गौरतलब है कि वर्ष 1991 में उत्तरकाशी में आए 6.6 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही भी मचाई थी। उस त्रासदी में करीब 600 लोगों की मौत भी हुई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। यही वजह है कि आज भी हल्के झटकों से लोगों में डर का माहौल भी बन जाता है।