Illegal arms smuggling gang busted in Sitarganj, investigation into Al-Badr link intensified
ऊधमसिंह नगर। सितारगंज पुलिस व एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 अवैध हथियार, 222 जिंदा कारतूस व 129 खोखे बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बदर से जुड़े होने की आशंका भी सामने आई है।
एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि गुरुवार शाम संयुक्त चेकिंग के दौरान पुलिस को बिना नंबर प्लेट की सफेद कार में हथियार ले जाए जाने की सूचना भी मिली। इसके बाद पुलिस ने सिडकुल फेस-टू क्षेत्र के कच्चे मार्ग पर घेराबंदी कर कार को रोक भी लिया। तलाशी में कार से बड़ी मात्रा में हथियार व कारतूस बरामद हुए। मौके से हरेंद्र सिंह उर्फ हनी व निखिल वर्मा उर्फ रानू को गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि पुलिस की हालिया दबिश के बाद वे हथियारों को चोरगलिया के जंगल में छिपाने को जा रहे थे, लेकिन रास्ते में पकड़ लिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की सप्लाई से भी जुड़े रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर कनेक्शन से बढ़ी गंभीरता
तकनीकी जांच व बैंक खातों की पड़ताल में पुलिस को जम्मू-कश्मीर की कई बैंक शाखाओं से संदिग्ध लेनदेन भी मिले। जांच में पता चला कि शोपियां निवासी रेहान मीर, जो कथित तौर पर अल-बदर का ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) है, ने आरोपी हनी के खाते में करीब 7 लाख रुपये ट्रांसफर भी किए थे। इसके बदले 2021 में एक पिस्टल सप्लाई किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस को शक है कि रकम के हिसाब से एक से ज्यादा हथियारों की सप्लाई भी की गई हो सकती है।
दिल्ली स्पेशल सेल और J&K पुलिस से समन्वय
मामले में आतंकी संगठन का नाम सामने आने के बाद ऊधमसिंह नगर पुलिस ने दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी दे दी है। पुलिस अब इस एंगल की गहन जांच कर रही है कि भेजी गई रकम के बदले हथियारों की कितनी सप्लाई हुई व नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ भी लगातार समन्वय भी किया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यदि जांच में आतंकी फंडिंग व सप्लाई लिंक की पुष्टि होती है, तो आरोपियों पर यूएपीए (UAPA) की धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं।
