Forest department deployment crisis, IFS officer without responsibility even after promotion
देहरादून: उत्तराखंड वन विभाग में IFS अधिकारियों की तैनाती को लेकर अव्यवस्था भी सामने आई है। कई अधिकारियों को प्रमोशन मिलने के बावजूद उनकी नई पोस्टिंग के आदेश अब तक जारी ही नहीं हुए हैं, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित भी हो रहा है।
जनवरी में हुए प्रमोशन के बाद कुछ अधिकारी उच्च पदों पर पहुंच गए, लेकिन उन्हें स्थायी जिम्मेदारी ही नहीं मिल पाई। कई अफसर महीनों से वन मुख्यालय में बिना स्पष्ट तैनाती के कार्य कर रहे हैं, जबकि कुछ अधिकारियों पर एक साथ कई जिम्मेदारियों का बोझ भी है।
इनमें IFS अधिकारी चंद्रशेखर सनवाल, सुरेंद्र मेहरा व विनय भार्गव जैसे नाम शामिल हैं, जिन्हें प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद भी स्थायी पद ही नहीं मिल पाया है। दूसरी ओर, विभाग प्रमुख रंजन कुमार मिश्र एक साथ कई अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं, जिससे कार्य संतुलन भी बिगड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति मानव संसाधन प्रबंधन में कमी को दर्शाती है, जिसका सीधा असर विभाग की कार्यक्षमता पर भी पड़ रहा है। ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए सिविल सर्विस बोर्ड की बैठक में देरी भी इस समस्या की बड़ी वजह भी मानी जा रही है।
वहीं, सुबोध उनियाल ने कहा है कि जल्द ही बैठक बुलाकर लंबित तैनाती व तबादलों के आदेश जारी किए जाएंगे। अब देखना होगा कि इस कदम से विभाग में बना असंतुलन कितनी जल्दी ही दूर हो पाता है।
