घायल हाथी तट पर दर्द से तड़पता रहा, मदद के इंतजार में बीता पूरा दिन

राजाजी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक मार्मिक घटना भी सामने आई। गंगा नदी के तट पर एक गंभीर रूप से घायल हाथी पूरे दिन दर्द से कराहता खड़ा रहा, लेकिन उसे राहत पहुंचाने के लिए समय पर कोई ठोस कदम ही नहीं उठाया गया।

सुबह तड़के ग्रामीणों ने गौहरीमाफी क्षेत्र में बिरला मंदिर के पास गंगा नदी किनारे इस हाथी को भी देखा। उसके एक पैर में गहरी चोट थी, जिससे वह पैर घसीटते हुए मुश्किल से ही चल पा रहा था। चलते समय कई बार उसका संतुलन बिगड़ा व वह गिरते-गिरते बचा। ग्रामीणों ने उसकी हालत देखकर चिंता जताई व वन विभाग को इसकी सूचना भी दी। इस दौरान कुछ लोगों ने उसका वीडियो बनाया।

सबसे चिंताजनक स्थिति तब सामने आई जब स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दोनों ओर तैनात वनकर्मी हाथी की मदद करने के बजाय उसे अपनी-अपनी सीमा में आने से भी रोकते रहे। जैसे ही घायल हाथी किसी एक दिशा में बढ़ता, उसे खदेड़ भी दिया जाता। इस खींचतान के बीच पूरा दिन गुजर गया व दर्द से कराहता हाथी नदी तट पर ही खड़ा रहा।

ग्रामीणों का कहना है कि हाथी कई बार चिंघाड़ते हुए अपनी पीड़ा जाहिर भी करता दिखा, मानो वह मदद की गुहार लगा रहा हो, लेकिन उसके उपचार या रेस्क्यू की ठोस पहल ही नजर नहीं आई। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इतने गंभीर मामले की सूचना समय पर उच्च अधिकारियों तक भी नहीं पहुंचाई गई।

वहीं, रिजर्व के निदेशक कोको रोशे ने बताया कि

इस हाथी की करीब एक सप्ताह से निगरानी की जा रही है ताकि वह आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश भी न करे। उन्होंने कहा कि उसके उपचार के प्रयास किए जा रहे हैं और ऐसे घायल हाथी समय-समय पर पार्क क्षेत्र में भी दिखाई देते रहते हैं।