Uttarakhand government to provide golf carts to Army for convenience of ex-servicemen, formal handover to take place on October 11
पूर्व सैनिकों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तराखंड सब एरिया की मांग पर राज्य सरकार ने सेना को गोल्फ कार्ट उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया है। यह गोल्फ कार्ट सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के निर्देश पर उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) द्वारा वित्त पोषित भी की गई है।
गोल्फ कार्ट का औपचारिक हस्तांतरण 11 अक्टूबर को देहरादून स्थित जसंवत मैदान में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान की मौजूदगी में ही किया जाएगा।
ब्रिगेडियर ने जताई थी ज़रूरत
उत्तराखंड सब एरिया के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर आरएस थापा ने सैनिक अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले पूर्व सैनिकों व ईसीएचएस कार्डधारकों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए गोल्फ कार्ट की मांग भी की थी। इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मंत्री गणेश जोशी ने स्वीकृति भी प्रदान की।
“पूर्व सैनिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता” — गणेश जोशी
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य वरिष्ठ सैनिकों की हर संभव सहायता भी करना है। यह गोल्फ कार्ट उनके अस्पताल परिसर में आने-जाने को आसान भी बनाएगी।
उन्होंने बताया कि —
- उपनल कर्मियों की मृत्यु पर उनके परिजनों को ₹1.50 लाख की सहायता दी जाती है।
- पीएनबी के साथ एमओयू के तहत ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर ₹50 लाख की आर्थिक मदद दी जाती है।
- शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की गई है।
- परमवीर चक्र अलंकृत सैनिकों/विधवाओं को दी जाने वाली राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.50 करोड़ की गई है।
- उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि बनाया गया है और मानदेय ₹8,000 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रतिमाह किया गया है।
