Danger increased on Yamunotri Highway, water reached the second floor in Sayanachatti
उत्तरकाशी: यमुनोत्री हाईवे पर एक बार फिर से खतरा गहराने लगा है। रात हुई भारी बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर अचानक ही बढ़ गया। तेज बहाव में कई पेड़ बहकर हाईवे के पुल पर ही अटक गए, जिसके चलते पानी पुल के ऊपर से बहने लगा और स्यानाचट्टी स्थित होटलों और आवासीय क्षेत्रों में घुस गया। इस वजह से स्थानीय लोगों में हड़कंप भी मच गया।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि यहां बनी झील का जलस्तर बढ़कर होटलों की दूसरी मंजिल तक भी पहुंच गया। यह तीसरी बार है जब स्यानाचट्टी में झील जैसी स्थिति बनी है और खतरा लगातार ही बढ़ रहा है।
मौके पर सिंचाई विभाग की 3 मशीनें कुपड़ाखड्ड के मलबे को हटाकर जलस्तर सामान्य करने की कोशिश भी कर रही हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण यमुना का बहाव तेज ही बना हुआ है। वहीं एनएच विभाग की टीमें पुल पर फंसे पेड़ों व मलबे को हटाने में जुटी हैं ताकि पानी का बहाव सुचारू भी हो सके। इसके बावजूद खतरा टला ही नहीं है।
इस समस्या पर पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 2 महीनों से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। उनका कहना है कि अगर झील बनने के समय तकनीकी और सही कदम उठाए गए होते तो आज यह स्थिति पैदा ही न होती। उन्होंने मांग की कि स्यानाचट्टी के दोनों ओर बहने वाले खड्डों पर सुरक्षात्मक कार्य किए जाएं और वरुणावत की तर्ज पर पहाड़ियों पर ट्रीटमेंट उपचार भी किया जाए।
लगातार बारिश व नदी के बढ़ते जलस्तर से स्थानीय लोग अभी भी दहशत में हैं और प्रशासन चौकसी बनाए हुए भी है।
