उत्तराखंड STF की बड़ी सफलता – न्यूज़ीलैंड कनेक्शन वाला हथियार तस्कर गिरफ्तार, 2 पिस्टल और मैगजीन बरामद

उत्तराखण्ड एसटीएफ की बड़ी कार्यवाही- 02 ऑटोमैटिक पिस्टल व 02 मैगजीन के साथ 01 अन्तर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार, एसटीएफ द्वारा थाना आईटीआई पुलिस के साथ ज्वाइंट ऑप्रेशन में की गयी गिरफ्तारी।। एसटीएफ द्वारा की गयी कार्यवाही में अवैध हथियारों का अन्तराष्ट्रीय नेटवर्क ध्वस्त, इस मामले का मास्टरमाइंड न्यूजीलैण्ड में बैठकर हथियारों का बड़ा नेटवर्क चला रहा था और क्षेत्र में कई बार हथियारों की सप्लाई कर चुका था।। उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय द्वारा अवैध हथियारों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत की गयी है गिरफ्तारी।।

देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ व आईटीआई थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरराज्यीय हथियार तस्कर को गिरफ्तार भी किया गया है। आरोपी के पास से 2 ऑटोमैटिक पिस्टल (.32 बोर) और 2 मैगजीन बरामद हुई हैं। खास बात यह है कि इस तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड न्यूजीलैंड में बैठकर हथियारों की सप्लाई भी करा रहा था।

STF की सटीक कार्रवाई, तस्कर गिरफ्तार

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में काशीपुर के आईटीआई थाना क्षेत्र से 20 वर्षीय हर्ष शर्मा को गिरफ्तार भी किया गया है। आरोपी आर्य नगर, वार्ड नंबर 18, काशीपुर का निवासी है।

गिरफ्तारी STF प्रभारी निरीक्षक एम.पी. सिंह की अगुवाई में और ASP स्वप्न किशोर सिंह व DSP आर.बी. चमोला के पर्यवेक्षण में की गई। तस्कर को आईटीआई थाना पुलिस के सहयोग से ही दबोचा गया।

न्यूजीलैंड से हथियार सप्लाई के आदेश

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार हर्ष शर्मा, गुरविंदर सिंह बाजवा उर्फ ‘गूरी’ के इशारों पर ही काम कर रहा था, जो इस समय न्यूजीलैंड में बैठा है। गुरविंदर सिंह पहले भी भारत में कई बार हथियारों की तस्करी भी करा चुका है और उसका एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क काम भी कर रहा है।

STF अब न्यूजीलैंड कनेक्शन की पड़ताल कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़ने की दिशा में तेजी से जांच भी कर रही है।

उत्तराखंड पुलिस का सघन अभियान

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर राज्यभर में अवैध हथियारों व गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सघन अभियान भी चलाया जा रहा है। इसी क्रम में यह बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जो उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले अपराधियों के नेटवर्क को उजागर भी करती है।

गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।