प्रदेश की होनहार बेटियों को जापान में नौकरी का मौका, सरकार कराएगी फ्री ट्रेनिंग

देहरादून — उत्तराखंड सरकार प्रदेश की 12वीं पास होनहार बेटियों को जापान में रोजगार दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। इसके तहत चयनित युवतियों को न केवल मुफ्त जापानी भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि कोर्स पूरा होने के बाद उन्हें सीधे केयर गिवर की नौकरी का अवसर भी मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

यह पहल सीएम कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत ही की जा रही है। योजना के तहत 19 वर्ष से 27 वर्ष की आयु वर्ग की 12वीं पास युवतियों को विदेश में रोजगार के अवसर भी दिए जा रहे हैं। अब तक कई बेटियां इस योजना के जरिए विदेश भी जा चुकी हैं, और सेवायोजन विभाग अब नए बैच की तैयारी में भी जुटा है।

कोर्स के लिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

जिन युवतियों ने 12वीं के बाद 6 महीने का जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (GDA) कोर्स किया है या जो जापानी भाषा सीखने की इच्छुक हैं, वे इस योजना के लिए आवेदन भी कर सकती हैं। एएनएम (ANM) पास युवतियां भी पात्र हैं। आवेदन निशुल्क है और इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन ईमेल आईडी mccsahaspur@gmail.com पर भी भेज सकती हैं।

चयनित युवतियों को 6 महीने का मुफ्त जापानी भाषा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसमें आवास व भोजन की सुविधा भी सरकार की ओर से ही उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इंटरव्यू के जरिए चयन प्रक्रिया भी होगी। सफल अभ्यर्थियों को जापान में देखभाल संबंधित नौकरी भी मिलेगी, जिसमें मासिक वेतन 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक भी होगा। विभाग जून में नया बैच शुरू करने जा रहा है।

जर्मनी में नर्सिंग के लिए भी खुल रहे रास्ते

उत्तराखंड सरकार ने जर्मनी में नर्सिंग की पढ़ाई व नौकरी के लिए भी पहल की है। पिछले साल चयनित 15 छात्रों का जर्मन भाषा प्रशिक्षण अब अंतिम चरण में ही है और जुलाई में उनकी चयन परीक्षा भी आयोजित होगी। चयन के बाद वे जर्मनी जाएंगे, जहां उन्हें 2.5 से 3 लाख रुपये तक मासिक वेतन भी मिलेगा। साथ ही, 27 अन्य युवाओं का दूसरा बैच भी प्रशिक्षण ले रहा है, जिनकी चयन परीक्षा अगले वर्ष जनवरी में प्रस्तावित भी है।

उत्तराखंड सरकार की यह पहल न केवल युवतियों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी प्रदान कर रही है। यह योजना राज्य की प्रतिभाशाली बेटियों के लिए एक सुनहरा अवसर भी साबित हो रही है।