Education Minister Dr. Dhan Singh Rawat inaugurated 'Praveshotsav', enrollment will increase in government schools
देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए राज्य के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज ‘प्रवेशोत्सव’ का शुभारंभ राजकीय इंटर कॉलेज, रानीपोखरी में किया। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशित छात्रों का स्वागत करते हुए ‘स्कूल चलो अभियान’ के अंतर्गत शिक्षा विभाग की आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी।
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों में शत-प्रतिशत छात्र नामांकन सुनिश्चित करना है। इस उद्देश्य से सभी राजकीय विद्यालयों में ‘प्रवेशोत्सव’ अनिवार्य रूप से आयोजित किया जा रहा है, जहां बच्चों को विद्यालय में दाखिला दिलाने के साथ ही उन्हें निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित भी की जा रही हैं।
सुविधा सम्पन्न बनाए जा रहे हैं सरकारी स्कूल
मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत सभी सरकारी स्कूलों को बेहतर सुविधाओं से लैस कर रही है। इसमें बिजली, पानी, शौचालय, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, वर्चुअल क्लास, अटल टिंकरिंग लैब, और आधुनिक प्रयोगशालाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जारी है।
प्रवेशोत्सव में हुआ छात्रों का स्वागत
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान डॉ. रावत ने कक्षा 6, 9 और 12 में प्रवेश लेने वाले 23 नवप्रवेशित छात्रों का फूलमालाओं से स्वागत किया और उन्हें नई पाठ्यपुस्तकें प्रदान कीं। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आश्वासन भी दिया।
पौड़ी जनपद में भी कार्यक्रम में की शिरकत
शिक्षा मंत्री ने रानीपोखरी के बाद राजकीय इंटर कॉलेज, सबदरखाल (पौड़ी) में आयोजित प्रवेशोत्सव में भी भाग लिया और वहां उपस्थित नवप्रवेशित बच्चों तथा उनके अभिभावकों से संवाद किया।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सतीश सेमवाल, ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी, बीईओ डोईवाला धनवीर सिंह बिष्ट, प्रधानाचार्य के.एस. गुसाईं, प्राचार्य डायट देहरादून, राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षकगण, छात्र व अभिभावक मौजूद रहे।
‘प्रवेशोत्सव’ पहल राज्य सरकार के उस संकल्प को दर्शाती है, जो सरकारी विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और व्यापक नामांकन के साथ सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। इससे न सिर्फ शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि सरकारी स्कूलों में लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।
