देहरादून के बहुचर्चित पुष्पांजली डेवलपर्स फ्लैट प्रकरण में निवेशकों के करोड़ो रू0 हडप कर फरार चल रहे मित्तल परिवार के विरूद्ध वर्तमान में थाना डालनवाला और थाना राजपुर में पुष्पांजली डेवलपर्स के नाम पर लोगों से इन्वेस्टमेंट कराकर उनके साथ करोडों रू0 की ठगी करने वाले दीपक मित्तल, राखी मित्तल, राजपाल वालिया व अश्वनी मित्तल के विरूद्ध पंजीकृत अभियोगों के निस्तारण के लिए एसआईटी का गठन किया गया था, जिसके क्रम में थाना डालनवाला पर गैंगस्टर अधिनियम पंजीकृत किया गया, जिसमें दून पुलिस द्वारा ठोस कार्यवाही करते हुए मुख्य अभियुक्त दीपक मित्तल के पिता और ठगी करने वाले गैगं के सदस्य अश्वनी मित्तल को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया।अभियुक्त अश्वनी मित्तल पर पूर्व में थाना डालनवाला पर गैंगस्टर अधिनियम का अभियोग पंजीकृत है।
एसआईटी द्वारा उक्त प्रकरण में कार्यवाही करते हुऐ पुष्पांजलि डेवलपर्स व उसके अन्य सहयोगियों के कुल 41 अलग-अलग बैंक खातों, जिनमें वर्ष 2016 से वर्ष 2023 तक लगभग 205 करोड का लेन-देन होना प्रकाश में आया है, को फ्रीज करवाया गया है।
खातों की जांच में कई सफेदपोश बिल्डर व कम्पनियों के अन्य पदाधिकारी पुलिस जांच के रडार पर हैं।
इसके अतिरिक्त जांच के दौरान दीपक मित्तल और राखी मित्तल के दुबई के तीन अन्य एन0आर0आई0 खाते, जिनमें दीपक मित्तल और राखी मित्तल के दो अलग-अलग स्थानों के पते होना भी प्रकाश में आया है, जिन पर जांच प्रचलित है।
अभियुक्त अश्वनी मित्तल के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत जांच कर उनके द्वारा अर्जित की गयी अवैध सम्पत्ति के जब्तीकरण की कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
