उत्तराखंड में अब साल में दो बार होगी यूटीईटी, शिक्षकों को मिलेगा बड़ा मौका
उत्तराखंड सरकार केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) की तर्ज पर अब राज्य में भी साल में दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूटीईटी) कराने की तैयारी भी कर रही है। शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षकों को पर्याप्त अवसर देने के लिए सरकार इस दिशा में जल्द ही निर्णय लेगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक के सभी सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य भी है। पदोन्नति व सेवा में बने रहने के लिए शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास भी करना होगा। लेकिन राज्य में यूटीईटी आमतौर पर वर्ष में केवल एक बार आयोजित होने से शिक्षकों को सीमित अवसर भी मिल रहे हैं।
राज्य में अंतिम यूटीईटी परीक्षा 27 सितंबर 2025 को आयोजित हुई थी और तब से अब तक कोई नई परीक्षा ही नहीं कराई गई है। वहीं, केंद्र सरकार हर वर्ष दो बार सीटीईटी आयोजित भी करती है।
शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने बताया कि यह भी जांच की जा रही है कि कितने शिक्षक टीईटी के लिए पात्र भी हैं। वहीं, कुछ शिक्षक 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त बीएड धारकों के लिए विशेष यूटीईटी की मांग भी कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षकों को टीईटी का अवसर उपलब्ध कराने के लिए सभी विकल्पों पर विचार भी किया जा रहा है और जल्द ही बैठक कर अंतिम निर्णय भी लिया जाएगा।