Browsing Tag

#uttrakhandnewsupdate

तराई पश्चिम वन प्रभाग में पर्यटकों की बढ़ी संख्या

तराई पश्चिम वन प्रभाग में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। इसके साथ ही राजस्व भी खूब मिल रहा है। यहां पर बाघ, हाथी समेत अन्य जैव विविधता को देखने के लिए पर्यटक पहुंच रहे हैं। तराई पश्चिम वन प्रभाग में पिछली गणना में बाघों की संख्या 52 थी। प्रभाग…

उत्तराखंड में बिजली उत्पादन को दोगुना करने की नई योजना, यूजेवीएनएल की नई पहल

राज्य में आठ साल के भीतर बिजली उत्पादन दोगुना हो जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने कार्ययोजना तैयार कर ली है। इससे विद्युत उत्पादन वर्तमान के 1426 मेगावाट से बढ़कर 2031 तक 3155 मेगावाट तक पहुंच जाएगा।…

बनभूलपुरा में मूर्ति खंडन, तनाव बढ़ा, प्रशासन ने स्थिति को संभाला

बनभूलपुरा से चंद कदम दूर शहर का माहौल बिगाड़ने की साजिश के तहत कुछ अराजक तत्वों ने होली ग्राउंड में लगी भक्त प्रह्लाद की मूर्ति खंडित कर दी। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर भीड़ जमा होने लगी। पता चलने पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मूर्ति को…

महिलाओं की उद्यमिता से प्रदेश में लखपति दीदियों की संख्या हुई एक लाख के पार

उद्यमिता के क्षेत्र में हाथ बढ़ाने से प्रदेश में एक लाख से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन गईं। महिलाओं ने कृषि उत्पादों, दुग्ध उत्पादन, सिलाई कढ़ाई के साथ ही रसोई गैर वितरण, प्रारंभिक पशु चिकित्सा सेवा, बीमा योजना, डिजिटल लेनदेन को आजीविका से…

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने ली समीक्षा बैठक, दिव्यांग बच्चों से लेकर महिला सुरक्षा तक के दिए निर्देश

सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रदेश में शिक्षा से वंचित दिव्यांग बच्चों की गणना करने के अफसरों को निर्देश दिए। इसके लिए राष्ट्रीय दृष्टि बाधितार्थ संस्थान (एनआईवीएच) सहित देश के चार…

मंत्री रेखा आर्या ने भारतीय मानक ब्यूरो की गवर्निंग काउंसिल में पेश किए स्थानीय प्रयोगशालाओं के…

आज शुक्रवार को दिल्ली में भारतीय मानक ब्यूरो की गवर्निंग काउंसिल की बैठक हुई जिसमें उत्तराखंड की खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता मामलों की मंत्री रेखा आर्या ने वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया। दिल्ली के कृषि भवन में आयोजित की गई…

उत्तराखंड भाषा संस्थान का पुनर्गठन, स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति का इंतजार

स्थानीय बोली भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बने भाषा संस्थान के ढांचे का पुनर्गठन होना है, लेकिन धामी मंत्रिमंडल के इसके प्रस्ताव को मंजूरी देने के सात महीने बाद भी इसका शासनादेश नहीं हुआ। यही वजह है कि संस्थान स्थायी कर्मचारियों की…