रुद्रप्रयाग बस हादसा : चालक पर लापरवाही का मुकदमा, तकनीकी खामी की भी जांच; हेलिकॉप्टर से एम्स भेजा गया
रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड। गुरुवार को हुई दर्दनाक बस दुर्घटना की प्रारम्भिक जांच में चालक सुमित कुमार की लापरवाही के साथ-साथ वाहन में तकनीकी कमी को भी प्रमुख वजह भी माना जा रहा है। पुलिस ने हरिद्वार निवासी सुमित के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं—दूसरों का जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा जोखिम में डालने, लापरवाही से मृत्यु का कारण बनने व सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाने—के तहत मुकदमा भी दर्ज कर लिया है। गंभीर रूप से घायल चालक को हेलिकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश में रेफर किया गया।
क्या बोले अफसर?
पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल ने बताया कि
दुर्घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है। “प्रथम दृष्टया चालक की चूक दिखती है, किंतु वाहन की तकनीकी खामियाँ भी समान रूप से जिम्मेदार भी हो सकती हैं,” उन्होंने कहा। घायलों के बयान लेकर तथ्यों को पुख्ता भी किया जाएगा।
चालक और यात्रियों का पक्ष
एम्स में भर्ती सुमित कुमार का कहना है कि
वह बस को सिर्फ 20 किमी/घंटा की रफ्तार से चला रहा था। उनके अनुसार विपरीत दिशा से आ रहे एक ट्रक ने टक्कर मारी, जिससे स्टीयरिंग लॉक हुआ और बस गहरी खाई में ही जा गिरी।
घायल यात्री भावना सोनी ने भी यही बयान दोहराते हुए कहा कि ट्रक से टकराव बचाने की कोशिश में ही संतुलन बिगड़ा।
आगे की कार्रवाई
- तकनीकी टीम बस के सभी यांत्रिक हिस्सों की जाँच कर रही है।
- एसडीआरएफ व प्रशासन लापता यात्रियों की तलाश में जुटे हुए हैं।
- पुलिस ने घटना-स्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को भी संकलित करना शुरू कर दिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी, जबकि तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर सार्वजनिक परिवहन वाहनों की सुरक्षा मानकों की नई रूप-रेखा भी तैयार की जाएगी।