भाबर क्षेत्र को राहत: मालन पुल का लोकार्पण, दो साल बाद सुगम हुई आवाजाही

कोटद्वार भाबर के निवासियों के लिए आज सोमवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। लंबे इंतजार व कठिनाइयों के बाद आखिरकार मालन पुल का निर्माण कार्य पूरा भी हो गया है। आज विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इस बहुप्रतीक्षित पुल का लोकार्पण भी किया, जिससे क्षेत्रवासियों की करीब 2 वर्षों से चली आ रही परेशानी का अंत भी हुआ।

हालांकि लोकार्पण कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी का आगमन प्रस्तावित था, लेकिन वे अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने जनता इंटर कॉलेज में आयोजित समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित भी किया और पुल के निर्माण को जनता को समर्पित भी किया।

सुबह पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ लोकार्पण कार्यक्रम रिबन काटने के साथ पुल पर आवागमन की शुरुआत से संपन्न भी हुआ। इसके साथ ही भाबर, हरिद्वार व लालढांग क्षेत्रों के लिए यात्री वाहनों और मालवाहकों की आवाजाही फिर से सुगम भी हो गई है।

तकनीकी दृष्टिकोण से खास है यह पुल

बता दें कि 13 जुलाई 2023 को आई बाढ़ व भूस्खलन के चलते 325 मीटर लंबे मालन पुल को भारी नुकसान भी पहुंचा था। इसके पुनर्निर्माण में 26.75 करोड़ रुपये की लागत भी आई है। पुल को भविष्य की आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए इसके सभी 12 पिलरों को वेल (कुंआ) तकनीक से तैयार भी किया गया है, जिसकी सिफारिश IIT-BHU के वैज्ञानिकों ने नदी के बहाव व यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए की थी।

लिफ्ट और शिफ्ट तकनीक से हुआ निर्माण

पुल पर कुल 13 स्लैब हैं, जिनमें से एक स्लैब नदी में गिरकर टूट भी गया था जिसे नए सिरे से बनाया गया। बाकी 12 स्लैबों को विशेष लिफ्ट एंड शिफ्ट तकनीक से हटाकर नए बनाए गए पिलरों पर स्थापित भी किया गया। हर स्लैब की लंबाई 25 मीटर, चौड़ाई लगभग 7 मीटर और वजन करीब 800 टन है। इन्हें दिल्ली मेट्रो पैनल की तर्ज पर स्थानांतरित भी किया गया।

मालन पुल के चालू होने से अब कोटद्वार भाबर क्षेत्र के साथ-साथ हरिद्वार व लालढांग क्षेत्र के लोगों को भारी राहत मिली है। यह पुल न केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना है, बल्कि हजारों लोगों के जीवन में सुगमता व सुरक्षा का माध्यम भी बन गया है। क्षेत्रवासियों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल की सराहना भी की है।