योग दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू ने देहरादून में किया योग, देवभूमि में गूंजा ‘योग से स्वास्थ्य’ का संदेश
प्रदेशभर में उत्साह, विदेशी भी सीख रहे उत्तराखंड की बेटी से योग के गुर
देहरादून। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून की पुलिस लाइन में एक विशेष आयोजन भी किया गया, जिसमें देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने योगाभ्यास कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया। उनके साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और राज्य सरकार के मंत्री सुबोध उनियाल ने भी योग किया।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं, योग को बताया भारत की महान विरासत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“योग भारत की प्राचीनतम व गौरवशाली परंपरा का अमूल्य उपहार है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि मानसिक शांति व सकारात्मक दृष्टिकोण भी प्रदान करता है।”
सीएम धामी ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिली है। देवभूमि उत्तराखंड से निकले इस ज्ञान को अब संपूर्ण विश्व अपना रहा है। हम सभी को इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर एक स्वस्थ व संतुलित समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए।”
जगह-जगह योग शिविर, हर आयु वर्ग में दिखा जोश
देहरादून से लेकर पहाड़ों तक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उल्लास साफ नजर आया। जौलीग्रांट, भानियावाला, रानीपोखरी व डोईवाला क्षेत्र में सुबह तड़के से ही योग शिविरों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। स्थानीय समितियों व संस्थाओं द्वारा आयोजित शिविरों में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास भी किया।
उत्तराखंड की बेटी अंजलि बनीं योग की अंतरराष्ट्रीय पहचान
कर्णप्रयाग के खगेली गांव की 28 वर्षीय अंजलि कुंवर योग को विदेशों तक भी पहुंचा रही हैं। वह हर दिन 30 से अधिक विदेशी नागरिकों को ऑनलाइन योग भी सिखाती हैं। इसके अलावा भारत के विभिन्न राज्यों से भी 100 से अधिक लोग उनके ऑनलाइन बैच में नियमित तौर पर योगाभ्यास भी कर रहे हैं। अंजलि की यह पहल उत्तराखंड को योग के वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित भी कर रही है।
योग से जुड़ा उत्तराखंड का गौरव
उत्तराखंड, जिसे ऋषियों-मुनियों की तपोभूमि कहा जाता है, योग की जन्मभूमि मानी जाती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर यहां का उत्साह देश के अन्य हिस्सों से कहीं अधिक भी नजर आता है। राज्य सरकार भी योग को गांव-गांव तक पहुंचाने और युवाओं को इससे जोड़ने के प्रयासों में लगातार ही जुटी है।
इस योग दिवस पर एक बार फिर उत्तराखंड ने देश व दुनिया को संदेश दिया कि
“योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।”