In this district of Uttarakhand, one lakh people may stop getting ration, ration cards may be cancelled
हल्द्वानी। जिले में 25,402 राशन कार्डधारकों ने अब तक ई-केवाईसी ही नहीं कराई है, जिससे 1 लाख 4 हजार 567 उपभोक्ताओं (यूनिट) के लिए राशन की प्राप्ति पर संकट भी आ खड़ा हुआ है। अगर इन राशन कार्डधारकों ने जल्द ही ई-केवाईसी नहीं कराई, तो उनके राशन कार्ड निरस्त भी कर दिए जाएंगे, और वे सरकार की ओर से मिलने वाले निश्शुल्क या न्यूनतम दरों पर राशन से वंचित भी हो सकते हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी को अब अनिवार्य कर दिया है। जिले में कुल 2 लाख 46 हजार 662 राशन कार्डधारक हैं, जिनमें से करीब 2 लाख 21 हजार 260 ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया को पूरा न करने वालों के लिए 31 मार्च तक का अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद अगर ई-केवाईसी नहीं कराई गई, तो उनके राशन कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे और उन्हें राशन की सुविधा भी नहीं मिल सकेगी।
ई-केवाईसी के लिए सिर्फ 3 दस्तावेज आवश्यक
राशन कार्ड की ई-केवाईसी कराने के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड नंबर व पंजीकृत मोबाइल नंबर की जरूरत है। यह प्रक्रिया नजदीकी सस्ता गल्ला दुकान पर भी पूरी कराई जा सकती है।
घर बैठे भी कर सकते हैं ई-केवाईसी
खाद्य विभाग के अनुसार, उपभोक्ता घर बैठे भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें माई राशन 2.0 ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप में मांगी गई जानकारी भरने के बाद आधार नंबर डालकर वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विजय जोशी ने कहा कि कई बार राशन कार्डधारकों को ई-केवाईसी के लिए अंतिम मौका दिया गया है। इस बार भी उन्हें 31 मार्च तक का समय दिया गया है, जिसके बाद अगर ई-केवाईसी नहीं कराई जाती तो राशन कार्ड ही निरस्त कर दिए जाएंगे।
