हाईकोर्ट सख्त: मुख्य अभियंता को नोटिस, 10 दिन में आदेश पालन नहीं हुआ तो सजा सुनवाई

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अदालत के पूर्व आदेश का पालन न करने पर मुख्य अभियंता संजय कुमार पाठक को नोटिस जारी कर 10 दिन के भीतर आदेशों का पालन करने के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पालन न होने पर 11वें दिन उन्हें सजा सुनवाई के लिए उपस्थित भी होना होगा।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में ही हुई। मामला प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत उत्तरकाशी में हुए एक टेंडर से भी जुड़ा है। याचिकाकर्ता मैसर्स जियारा पारनशिप फर्म की तकनीकी बोली अस्वीकार भी कर दी गई थी, जिसके खिलाफ फर्म ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी।

कोर्ट ने प्रारंभिक चरण में टेंडर प्रक्रिया पर रोक भी लगाई थी। बाद में फरवरी 2026 में हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए फर्म को सही ठहराया व उसे टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने के निर्देश भी दिए।

अवमानना याचिका में कहा गया कि अदालत के आदेश के बावजूद विभाग ने टेंडर ही नहीं खोले। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि सबसे कम बोली होने के बावजूद विभाग टेंडर किसी अन्य को भी देना चाहता है।

कोर्ट ने मुख्य अभियंता के खिलाफ चार्ज फ्रेम करते हुए उन्हें 10 दिन का अंतिम अवसर भी दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि आदेशों का पालन नहीं किया गया तो अगली सुनवाई में उनके खिलाफ सजा सुनाई जाएगी और उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित भी रहना होगा।