तेज़ ओलावृष्टि से उत्तराखंड में फसलें तबाह, किसानों को भारी नुकसान – प्रशासन से मुआवज़े की मांग तेज़

उत्तराखंड में बुधवार को आई अचानक तेज़ ओलावृष्टि व मूसलाधार बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों के लिए यह आफत बनकर ही टूटी। भीमताल, भवाली, धारी, बेतालघाट व आसपास के गांवों में ओले गिरने से खेतों की सब्जियों, फलों व फूलों की फसलों को भारी नुकसान भी पहुंचा है।

किसानों के मुताबिक, ओलों का आकार 50 ग्राम से अधिक था, जिससे कारों के शीशे टूट गए, पॉलीहाउस व सोलर पैनल में छेद हो गए। चाय बागानों की पत्तियों को भी 30-35% तक नुकसान हुआ है।

प्रभावित इलाके और नुकसान का दायरा

  • भीमताल, मेहरागांव, जंगलियागांव, धानाचूली में आलू, टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन, बीन, आड़ू, प्लम और खुबानी की फसलें तबाह हो गईं।
  • भवाली और घोड़ाखाल के चाय बागानों में हरे पत्तों को गंभीर क्षति हुई।
  • खैरना और मेहरागांव में बारिश के बाद जलभराव से दुकानों में पानी घुस गया, व्यापारी परेशान रहे।
  • रामनगर में भी दोपहर बाद हुई ओलावृष्टि से मौसम खुशनुमा हुआ, लेकिन बागवानी को नुकसान पहुंचा।

कई क्षेत्रों में दिन में छाया अंधेरा

तेज़ ओलावृष्टि के चलते दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे वाहनों को लाइट जलाकर चलना भी पड़ा। नैनीताल में दिनभर बादलों की आवाजाही व घना कोहरा बना रहा। दोपहर बाद लगातार 1 घंटे की बारिश दर्ज की गई। तापमान में 2 डिग्री की गिरावट आई।

थुवा की पहाड़ी से गिरे पत्थर, बाल-बाल बचे लोग

भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर गरमपानी में थुवा की पहाड़ी से गिरे पत्थरों से सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां व दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई वाहन वहां नहीं था। स्थानीय लोगों ने एनएच विभाग से सुरक्षा उपायों की मांग भी की है।

किसानों और जनप्रतिनिधियों की मांग – जल्द हो सर्वे, मिले मुआवज़ा

भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा ने जिला प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवज़ा देने की मांग भी की है। पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी, कांग्रेसी नेता हरीश पनेरू व कई अन्य स्थानीय नेताओं ने भी यही मांग दोहराई है।

“सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है। प्रशासन को तत्काल मुआवजा देना चाहिए।”
— आनंदमणि भट्ट, किसान, भीमताल

“ओलों से पॉलीहाउस और फूलों को भारी नुकसान हुआ है। बरसाती पानी घरों में घुस रहा है। लोनिवि को जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।”
— राकेश बिष्ट, फूल उत्पादक किसान

“प्रभावित किसानों को मानकों के अनुसार मुआवजा मिलेगा, विभागीय सर्वे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।”
— डॉ. रजनीश सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी

रामनगर में भी बदला मौसम का मिज़ाज

रामनगर में दिनभर बारिश के दौर के बाद शाम को हुई ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट भी आई। एक सप्ताह से जारी चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों को ठंडी हवाओं और बारिश ने राहत दी। उद्यान विभाग के प्रभारी अर्जुन सिंह परवाल ने बताया कि बारिश से आम और लीची की फसल को फायदा भी होगा।

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बुधवार को हुई तेज़ ओलावृष्टि और बारिश ने मौसम तो सुहाना बना दिया, लेकिन किसानों की मेहनत और अर्थव्यवस्था को गहरा झटका भी दिया है। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई व मुआवज़े की प्रक्रिया पर टिकी है।