हरिद्वार जमीन घोटाला: डीएम कर्मेंद्र सिंह के निलंबन के बाद IAS मयूर दीक्षित ने संभाली कमान
हरिद्वार जमीन घोटाले में कार्रवाई के बाद आज बुधवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला। निलंबित जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह की जगह आज आईएएस अधिकारी मयूर दीक्षित ने हरिद्वार के नए जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। उन्होंने कोषागार कार्यालय में अपनी जॉइनिंग दी और जल्द ही मीडिया को संबोधित भी करेंगे।
गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम द्वारा ग्राम सराय में करोड़ों रुपये में खरीदी गई अनुपयुक्त भूमि के मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश भी दिए थे। प्रारंभिक जांच में भारी अनियमितताएं सामने आने पर मंगलवार को 7 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया, जिनमें तत्कालीन डीएम कर्मेंद्र सिंह, नगर आयुक्त वरुण चौधरी व एसडीएम अजयवीर सिंह प्रमुख हैं।
अब तक 12 अधिकारियों पर गिरी गाज
इस मामले में अब तक कुल 12 अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है, जिनमें 7 को ताज़ा तौर पर निलंबित किया गया है जबकि पहले ही 5 पर कार्रवाई हो चुकी है।
निलंबित अधिकारी:
- कर्मेन्द्र सिंह – जिलाधिकारी व तत्कालीन प्रशासक, नगर निगम हरिद्वार
- वरुण चौधरी – तत्कालीन नगर आयुक्त
- अजयवीर सिंह – तत्कालीन एसडीएम
- निकिता बिष्ट – वरिष्ठ वित्त अधिकारी
- विक्की – वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक
- राजेश कुमार – रजिस्ट्रार कानूनगो
- कमलदास – मुख्य प्रशासनिक अधिकारी
पहले जिन पर हो चुकी है कार्रवाई:
- रविंद्र कुमार दयाल – प्रभारी सहायक नगर आयुक्त (सेवा विस्तार समाप्त)
- आनंद सिंह मिश्रवाण – अधिशासी अभियंता (निलंबित)
- लक्ष्मीकांत भट्ट – कर एवं राजस्व अधीक्षक (निलंबित)
- दिनेश चंद्र कांडपाल – अवर अभियंता (निलंबित)
- वेदपाल – संपत्ति लिपिक (सेवा विस्तार समाप्त)
क्या है मामला:
नगर निगम हरिद्वार द्वारा कूड़े के ढेर के पास स्थित 2.3070 हेक्टेयर भूमि को करोड़ों रुपये में खरीदे जाने को लेकर सवाल भी उठे थे। भूमि की स्थिति अनुपयुक्त भी पाई गई। इस पर सीएम ने सख्त कदम उठाते हुए जांच कराई। 29 मई को सौपी गई रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई भी की गई।
आगे की कार्रवाई:
- विजिलेंस जांच होगी
- भूमि की रजिस्ट्री रद्द की जाएगी
- वरुण चौधरी के कार्यों का विशेष ऑडिट कराया जाएगा
- तीन अधिकारियों को सचिव कार्मिक एवं सतर्कता विभाग में संबद्ध किया गया है