हल्द्वानी: वन विभाग ने शुरू की बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स, पर्यटकों के लिए नया अनुभव
हल्द्वानी: वन प्रभाग हल्द्वानी द्वारा इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं। वन्यजीव सफारी के बाद अब विभाग ने पहली बार बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स तैयार की हैं, जिसके जरिए पर्यटक पक्षियों के अद्भुत संसार का दीदार भी कर सकेंगे।
डीएफओ हल्द्वानी वन प्रभाग कुंदन कुमार ने जानकारी दी कि नंधौर वन्यजीव अभयारण्य जैव विविधता का एक प्रमुख केंद्र है और यहां 250 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने बर्ड वॉचिंग के लिए पांच ट्रेल तैयार की हैं, जिनमें प्रमुख रूप से छाकाता, नंधौर, शारदा और डांडा क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।
इन ट्रेल्स में प्रमुख बर्ड वॉचिंग स्थानों में रातीघाट, सुमनथापला, शारदा घाट से शारदा बैराज, ककराली और डांडा सर्पाछीड़ा दनौड़ शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पक्षियों का आवास स्थल है, जहां पर्यटक अपने यात्रा के दौरान पक्षियों का अवलोकन भी कर सकेंगे।
पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियां:
यहां पर्यटक मेग्रेट हॉर्नबिल, व्हाइट ब्रेस्टेड किंगफिशर, स्कारलेट मिनिवेट, येलो वेंटेड बुलबुल, रै केट टेल्ड ड्रोंगो, व्हाइट थ्रोटेड लाफिंग थ्रस, ब्लैक हुडेड ओरियोल और रेड नैक्ड पैराकीट जैसी दुर्लभ प्रजातियों को भी देख सकेंगे। वन विभाग की ओर से बर्ड-टूरिज्म को बढ़ावा देने का यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पर्यटकों को वन्यजीवों के संसार का एक नया अनुभव भी मिलेगा।
ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा:
इसके साथ ही, पर्यटक इन बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स का अवलोकन ऑनलाइन बुकिंग के जरिए भी कर सकते हैं। नंधौर वन्यजीव अभयारण्य की नवीन वेबसाइट (https://nandhaurwildlife.uk.gov.in/) के माध्यम से पर्यटक अपनी बुकिंग कर सकते हैं।
स्थानीय रोजगार और वन्यजीव संरक्षण:
डीएफओ कुंदन कुमार ने कहा कि विभाग का उद्देश्य इको टूरिज्म के माध्यम से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और साथ ही उत्तराखंड के वन्यजीवों के संरक्षण और उनके बारे में अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी भी पहुंचेगी।
इस पहल के माध्यम से न सिर्फ पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण को भी एक नई दिशा मिलेगी, जो आने वाले समय में उत्तराखंड को इको टूरिज्म के क्षेत्र में और भी लोकप्रिय बना सकता है।