आईटीआई संस्थानों में ईवी प्रशिक्षण को बढ़ावा, मंत्री सौरभ बहुगुणा ने वाहनों को दिखाई हरी झंडी
देहरादून: कौशल विकास एवं सेवायोजन, पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग और प्रोटोकॉल मंत्री सौरभ बहुगुणा की गरिमामयी उपस्थिति में आज बुधवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), निरंजनपुर देहरादून में एक अहम कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान टाटा टेक्नोलॉजी द्वारा उपलब्ध कराए गए इलेक्ट्रिक व्हीकल और टाटा ऐस को राज्य के 13 राजकीय आईटीआई संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया गया।
यह वाहन देहरादून, हरिद्वार, पिरानकलियर, बड़कोट, चम्बा, गोपेश्वर, काशीपुर, सितारगंज, हल्द्वानी, कालाढुंगी, पिथौरागढ़, चम्पावत व अल्मोड़ा स्थित आईटीआई संस्थानों में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड के प्रशिक्षण हेतु भेजे गए हैं। यह पहल 17 फरवरी 2025 को इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ किए गए एमओयू के तहत राज्य के युवाओं की रोजगारपरकता बढ़ाने के उद्देश्य से ही की जा रही है।
इस एमओयू के तहत अत्याधुनिक तकनीक से जुड़े आठ दीर्घावधि ट्रेड, जिनकी अवधि एक से दो वर्ष होगी, संचालित किए जाएंगे। इनमें मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, एडवांस्ड सीएनसी मशीनिंग, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, बेसिक्स डिजाइनर एंड वर्चुअल वेरिफायर, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, आर्टिजन यूजिंग एडवांस्ड टूल्स, कंप्यूटर एडेड मैन्युफैक्चरिंग (कैम) प्रोग्रामर और इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईआईओटी) टेक्नीशियन भी शामिल हैं। इसके साथ ही इन ट्रेडों से संबंधित 23 लघु अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
नाबार्ड के सहयोग से चयनित संस्थानों में लगभग 10 हजार वर्ग फुट की आधुनिक कार्यशालाओं का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसके लिए 79.09 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। पहले चरण में सात आईटीआई संस्थानों में निर्माण कार्य लगभग पूरा भी हो चुका है और टाटा टेक्नोलॉजी द्वारा उपकरणों की आपूर्ति भी लगभग पूरी ही कर ली गई है। वर्तमान में इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया जारी है।
प्रशिक्षण संचालन के लिए टाटा टेक्नोलॉजी द्वारा पहले दो वर्षों तक दो प्रशिक्षक और तीसरे वर्ष में एक प्रशिक्षक की तैनाती भी की जाएगी। कार्यक्रम में प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग के निदेशक संजय कुमार, संयुक्त निदेशक अनिल सिंह, उप निदेशक निरंजन कुमार खुगशाल सहित विभिन्न आईटीआई के प्रधानाचार्य, अनुदेशक व टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।