Doubt over the proposed bridge on Saryu river, construction hanging in balance even after foundation stone was laid
बागेश्वर: सरयू नदी में मंडलसेरा से कठायतबाड़ा को जोड़ने के लिए सूरजकुंड के पास बनने वाला पुल अब अधर में ही लटकता नजर आ रहा है। करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत इस पुल का शिलान्यास वर्ष 2020-21 में सांसद अजय टम्टा ने किया था, लेकिन अब लोक निर्माण विभाग ने इसे औचित्यपूर्ण ही नहीं बताया है। ऐसे में पुल के निर्माण व उद्घाटन की संभावना कम भी हो गई है।
क्षेत्रीय विधायक पार्वती दास का कहना है कि
यह पुल स्थानीय जनता के लिए बेहद ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने व कॉलेज के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पुल का बनना आवश्यक है। विधायक ने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे पर सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात करेंगी।
जानकारी के अनुसार, 84 मीटर स्टील गार्डर पुल के लिए साल 2019 में केंद्रीय सड़क निधि से 539.64 लाख रुपये का प्रशासकीय अनुमोदन भी मिला था। हालांकि, पुल की कुल लागत करीब 8 करोड़ रुपये ही आंकी गई थी।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजय पांडे ने बताया कि
इस स्थान पर पुल का निर्माण उचित नहीं है क्योंकि पुल के अपस्ट्रीम में पहले से एक और डाउनस्ट्रीम में 4 पुल मौजूद हैं। इसके अलावा नदी में महज 150 मीटर की दूरी पर पहले से एक अस्थायी पुल भी है। तकनीकी मानकों के अनुसार, नए पुल के लिए कम से कम डेढ़ से 2 किलोमीटर का अंतर भी होना चाहिए।
फिलहाल पुल का निर्माण अटका ही हुआ है, लेकिन स्थानीय जनता व प्रतिनिधि इसके लिए जोर दे रहे हैं।
