आपदाग्रस्त चुकुम गांव के विस्थापन से पहले जमीन रिकॉर्ड पर विवाद

नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र स्थित आपदाग्रस्त चुकुम गांव के प्रस्तावित विस्थापन से पहले ही विवाद गहराने भी लगा है। ग्रामीणों ने जमीनों के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी के आरोप भी लगाए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र शर्मा ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि विस्थापन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पुराने ग्रामीणों के नाम खतौनियों से हटाए भी जा रहे हैं।

नरेंद्र शर्मा का आरोप है कि कई ग्रामीणों के नाम नई खतौनी में दर्ज ही नहीं किए गए हैं, जिससे उन्हें विस्थापन के दौरान मुआवजा और भूमि का लाभ मिलने में परेशानी भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उप जिलाधिकारी रामनगर व जिलाधिकारी नैनीताल को शिकायत पत्र भी भेजा गया है।

वहीं, सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त जवान हीरा सिंह ने भी दावा किया कि उनके दादा गोविंद सिंह का नाम नई खतौनी से ही हटा दिया गया है, जबकि पुश्तैनी जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद भी हैं।

इस मामले पर उप जिलाधिकारी रामनगर प्रमोद कुमार ने कहा कि पूरे क्षेत्र का सर्वे भी कराया गया है। यदि किसी का नाम नई खतौनी में दर्ज ही नहीं हुआ है, तो वह दस्तावेज प्रस्तुत कर नाम दर्ज भी करा सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भूमि के बदले भूमि का प्रावधान है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने भी दिया जाएगा।