ईद-उल-अजहा पर अकीदत और उल्लास: उत्तराखंड में शांति और भाईचारे के साथ मनाया गया पर्व
उत्तराखंड में इस्लाम धर्म का पवित्र पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) आज शनिवार को पूरे अकीदत, उत्साह व शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। हरिद्वार से देहरादून व श्रीनगर गढ़वाल तक मुस्लिम समुदाय ने पैगंबर हज़रत इब्राहीम की कुर्बानी की याद में विशेष नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद भी दी।
हरिद्वार: ज्वालापुर की ईदगाह में उमड़ा जनसैलाब
हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में सुबह 9 बजे मुख्य ईदगाह में बकरीद की विशेष नमाज भी अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके अलावा कटहरा बाजार की जामा मस्जिद में सुबह 6:45 बजे नमाज अदा भी की गई। नमाज के बाद लोगों ने जानवरों की कुर्बानी देकर पैगंबर इब्राहीम की परंपरा को भी निभाया।
पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के सख्त इंतजाम किए, वहीं नगर निगम ने सफाई व पेयजल जैसी जरूरी सेवाओं को सुनिश्चित किया।
देहरादून: चकराता रोड ईदगाह में एकता और अमन की दुआ
राजधानी देहरादून में चकराता रोड स्थित ईदगाह में सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की। सुबह से ही ईदगाह में भीड़ जुटने लगी थी। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की बधाई भी दी और देश में शांति, सौहार्द व तरक्की की दुआ मांगी।
धर्मगुरुओं ने कुर्बानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एकता का संदेश भी दिया। प्रशासन की ओर से यातायात व सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध भी किए गए थे।
श्रीनगर गढ़वाल: पर्व में झलका उल्लास व भाईचारा
श्रीनगर गढ़वाल में भी ईद-उल-अजहा का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय ईदगाहों व मस्जिदों में सुबह बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर विशेष नमाज अदा की। बच्चों व युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जबकि नगर पालिका की ओर से साफ-सफाई व पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखी गई।
सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश
बकरीद के मौके पर प्रदेशभर में अमन-चैन और सांप्रदायिक सौहार्द का शानदार नज़ारा भी देखने को मिला। लोग न सिर्फ एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे थे, बल्कि सामाजिक एकता का भी संदेश भी दे रहे थे।
ईद-उल-अजहा का यह पर्व त्याग, समर्पण व एकता की भावना का प्रतीक रहा। प्रशासन की सजगता व समाज की सहभागिता से पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ संपन्न भी हुआ।