Bhararisain Assembly Session Supplementary budget of ₹7,844 crore presented; ₹122 crore allocated for a water supply dam project in Gairsain.
स्वास्थ्य, शिक्षा, कुंभ और बुनियादी ढांचे के लिए बजट में प्रावधान; भराड़ीसैंण में कांग्रेस का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर यूकेडी कार्यकर्ताओं की पुलिस से जद्दोजहद
गैरसैंण: भराड़ीसैंण में चल रहे उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन के पटल पर 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। बजट में राजस्व मद के लिए 3,679.86 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद के लिए 4,164.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, ग्रामीण विकास, खेल, कुंभ मेले के बुनियादी ढांचे और विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए धनराशि रखी गई है।
वहीं, विधानसभा सत्र के दौरान भराड़ीसैंण में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं पर पुलिस ने कार्रवाई की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत समेत कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया। दूसरी ओर, यूकेडी कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर डटे रहे और पुलिस के साथ उनकी जद्दोजहद जारी रही।
ग्रामीण और शहरी निकायों के लिए 721 करोड़ रुपये
अनुपूरक बजट में राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप ग्रामीण, शहरी और स्थानीय निकायों को 721 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है। अन्नपूर्ति योजना के तहत धान और गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये तथा अवस्थापना विकास के लिए 500 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये और कुंभ मेले में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 290 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और सड़कों की मरम्मत के लिए 61 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
गैरसैंण जलापूर्ति बांध और गंगा कॉरिडोर के लिए बजट
बजट में गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये, नवीन स्टेट डेटा सेंटर के लिए 40 करोड़ रुपये और हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये रखे गए हैं। नंदा देवी राजजात योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में खुरपिया फार्म परियोजना की विद्युत व्यवस्था के लिए 270 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। अवस्थापना विकास के लिए रखे गए 500 करोड़ रुपये के अलावा विभिन्न परियोजनाओं के लिए अलग-अलग मदों में भी धनराशि का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र पर भी फोकस
स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और गोल्डन कार्ड के लिए 125 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों के साथ नर्सिंग कॉलेजों के लिए 160 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए 93 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं। ऋषिकेश स्थित मदन मोहन प्राच्य संस्थान की स्थापना के लिए दो करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इस संस्थान में ज्योतिष, आयुर्वेद, योग, ध्यान और अध्यात्म के अध्ययन को बढ़ावा देने की योजना है।
खेल और किसान कल्याण के लिए भी धनराशि
खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल विश्वविद्यालय को 35 करोड़ रुपये, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत को 10 करोड़ रुपये और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के पुरस्कार के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 28 करोड़ रुपये, किसान पेंशन योजना के लिए नौ करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए दो करोड़ रुपये रखे गए हैं। इन प्रावधानों के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में चल रही योजनाओं और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
सदन में श्रद्धांजलि का दौर, कई विधायकों ने रखे विचार
विधानसभा सत्र के दौरान दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी गई। विधायक अरविंद पांडेय, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, बंशीधर भगत और मंत्री रेखा आर्या ने भी दोनों नेताओं को याद किया। इससे पहले कांग्रेस विधायक ममता राकेश और विधायक बिशन सिंह चुफाल ने सदन में श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विधायक दिलीप रावत ने सदन में अपनी बात रखी, जबकि मंत्री गणेश जोशी भी श्रद्धांजलि दे रहे थे।
विधानसभा के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, नेताओं की गिरफ्तारी
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भराड़ीसैंण में प्रदर्शन किया। इस दौरान गणेश गोदियाल और हरक सिंह रावत समेत कांग्रेस के कई नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वहीं, यूकेडी कार्यकर्ता भी बैरिकेडिंग पर जुटे रहे और गैरसैंण से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध जताते रहे।
सदन के भीतर अनुपूरक बजट और विकास योजनाओं पर चर्चा के बीच विधानसभा परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रहने से सत्र के दौरान राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।
