आभूषण खरीदने से पहले BIS-CARE ऐप से जांचें गुणवत्ता: बीआईएस की उपभोक्ताओं से अपील
हॉलमार्क व HUID नंबर वाले ही आभूषण खरीदें, चांदी पर भी जल्द लागू होगा हॉलमार्किंग
देहरादून : अक्षय तृतीया जैसे पर्वों पर सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी में होने वाली बढ़ोतरी को देखते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने उपभोक्ताओं से सतर्क रहने और BIS-CARE मोबाइल ऐप का उपयोग करने की अपील भी की है। बीआईएस देहरादून के निदेशक सौरभ तिवारी ने बताया कि त्योहारों के समय उपभोक्ता अक्सर बिना शुद्धता जांचे ही आभूषण खरीद लेते हैं, जिससे वे ठगी का शिकार भी हो सकते हैं।
बीआईएस-केयर ऐप से करें पुष्टि
निदेशक तिवारी ने कहा कि उपभोक्ताओं को केवल हॉलमार्क और यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (HUID) वाले आभूषण ही खरीदने चाहिए। उन्होंने बताया कि अब सभी अधिकृत विक्रेताओं के पास एक विशेष लैंस होना अनिवार्य है, जिसके माध्यम से उपभोक्ता आभूषण पर अंकित HUID नंबर को देख भी सकते हैं। यह नंबर BIS-CARE ऐप में डालने पर उस आभूषण की शुद्धता, हॉलमार्किंग और विक्रेता की प्रमाणिकता की जानकारी मिलती है। पुष्टि होने पर ही खरीदारी करें।
अब चांदी पर भी हॉलमार्क होगा अनिवार्य
बीआईएस अब चांदी के आभूषणों और बर्तनों पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य करने की प्रक्रिया में है। इससे उपभोक्ताओं को चांदी की शुद्धता की स्पष्ट जानकारी भी मिल सकेगी।
इलेक्ट्रॉनिक सामान की गुणवत्ता भी कर सकेंगे चेक
सिर्फ आभूषण ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की गुणवत्ता व प्रदर्शन संबंधी जानकारी भी अब BIS-CARE ऐप के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उपभोक्ता सीधे बीआईएस को शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
देशभर में छापेमारी, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई
निदेशक तिवारी ने बताया कि हाल ही में बीआईएस ने देशव्यापी छापेमारी करते हुए कई ई-कॉमर्स कंपनियों के गोदामों से बिना प्रमाणन वाले उत्पाद भी जब्त किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई उत्पाद भारतीय मानक अधिनियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो संबंधित कंपनी पर जुर्माना या कारावास जैसे कठोर दंड का प्रावधान भी है। देहरादून में भी ई-कॉमर्स स्टोरेज सेंटरों पर निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
पुश्तैनी गहनों की शुद्धता की जांच भी जरूरी
बीआईएस ने सुदूरवर्ती क्षेत्रों और ग्रामीण उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे अपने पुराने पुश्तैनी गहनों की शुद्धता की बीआईएस द्वारा मान्यता प्राप्त केंद्रों पर मामूली शुल्क देकर जांच भी जरूर कराएं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें पुराने गहनों में मिलावट भी पाई गई है।
भारतीय मानक ब्यूरो ने इस पर्व के मौके पर उपभोक्ताओं को सचेत करते हुए कहा है कि वे गुणवत्ता से कोई समझौता न करें और BIS-CARE ऐप को अपनी खरीदारी का अनिवार्य हिस्सा भी बनाएं।