25 साल बाद राज्य निर्वाचन आयोगों की बैठक, उत्तराखंड में निकाय-पंचायत चुनाव प्रक्रिया पर होगा मंथन

उत्तराखंड में निकाय और पंचायत चुनावों की वोटर लिस्ट व मतदान प्रक्रिया को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग स्तर पर बड़ा मंथन भी होने जा रहा है। इसके लिए 25 वर्ष बाद चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के राज्य निर्वाचन आयोगों की बैठक बुलाई है, जिसमें उत्तराखंड से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

केंद्रीय चुनाव आयोग ने साल 1999 के बाद पहली बार 24 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित भी किया है। इस बैठक में देश के 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त हिस्सा लेंगे। उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में यह सम्मेलन इसलिए महत्वपूर्ण भी माना जा रहा है, क्योंकि इसमें राज्य निर्वाचन आयोग के कामकाज व भविष्य की चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया जाएगा।

सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ही करेंगे। इस दौरान चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहेंगे। बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्तों के साथ कानूनी व तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग व राज्य निर्वाचन आयोगों के बीच चुनावी प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं के बेहतर समन्वय को मजबूत भी करना है।

बैठक के दौरान चुनाव आयोग राज्य निर्वाचन आयुक्तों को हाल ही में लॉन्च किए गए ईसीआई नेट डिजिटल प्लेटफॉर्म व ईवीएम के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी देगा और उनके सुझाव भी लिए जाएंगे। माना जा रहा है कि भविष्य में निकाय व पंचायत चुनावों में भी ईवीएम के उपयोग की दिशा में कदम भी बढ़ाए जा सकते हैं।

इस सम्मेलन के जरिए उत्तराखंड जैसे राज्यों में स्थानीय निकाय व पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया और चुनाव संचालन की कानूनी रूपरेखा को और अधिक मजबूत बनाने में मदद भी मिलेगी। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग अपने लंबे अनुभव और विशेषज्ञता को भी राज्य आयुक्तों के साथ साझा भी करेगा।