Protest at Jangalchatti on the first day of the Gairsain Assembly session; Pradhan Sangathan and UKD raise demands.
ग्राम प्रधानों ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, यूकेडी ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग दोहराई
चमोली: गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मंगलवार को विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही विरोध प्रदर्शनों ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दीं। विधानसभा पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर जंगलचट्टी बैरिकेडिंग के पास प्रधान संगठन, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और स्वराज अभियान से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया, जिससे विधानसभा की ओर जाने वाला रास्ता बाधित हुआ।
प्रदर्शन के चलते विधानसभा पहुंचने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडियाकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर जाम लगने से कई लोग आगे नहीं बढ़ सके, जबकि वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने पर पुलिस को यातायात व्यवस्था संभालने में मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।
ग्राम प्रधानों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जताया विरोध
प्रधान संगठन के अध्यक्ष आनंद सिंह चौहान ने कहा कि संगठन लंबे समय से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहा है। उनके मुताबिक, पिछले करीब छह महीने से ग्राम प्रधान मांगों को लेकर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
चौहान ने आरोप लगाया कि सचिवालय कूच के दौरान प्रशासन ने मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों को बार-बार आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। मनरेगा से जुड़े मुद्दे और ग्राम प्रधानों के मानदेय में बढ़ोतरी समेत अन्य मांगें संगठन के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।
10 से 15 दिन का विधानसभा सत्र कराने की मांग
प्रधान संगठन के उपाध्यक्ष सुरेश उनियाल ने भी सरकार पर ग्राम प्रधानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लगातार मांग उठाने के बावजूद सुनवाई नहीं होने पर संगठन को प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
उनियाल ने विधानसभा सत्र की अवधि केवल दो दिन रखे जाने पर सवाल उठाते हुए कम से कम 10 से 15 दिन का सत्र आयोजित करने की मांग की। उनका कहना था कि इतने कम समय में प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकती। उन्होंने युवाओं के रोजगार, महिलाओं के उत्पीड़न, अंकिता भंडारी हत्याकांड, भू-कानून, स्थानीय लोगों के अधिकार और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने जैसे मुद्दों पर सदन में विस्तार से चर्चा कराने की मांग की।
स्वराज अभियान ने भी उठाए जनहित के मुद्दे
प्रदर्शन में शामिल स्वराज अभियान से जुड़े सुरेश चंद्र और रमेश जोशी ने भी दो दिवसीय विधानसभा सत्र पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में प्रदेश की जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सार्थक चर्चा कर पाना मुश्किल है।
प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी, महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न, अंकिता भंडारी हत्याकांड, भू-कानून और श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी जैसे विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच विस्तार से चर्चा कराने की मांग की। उनका कहना था कि विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि जनता से जुड़े सवालों को पर्याप्त समय मिल सके।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग
जंगलचट्टी में प्रदर्शन कर रहे उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि गैरसैंण राज्य आंदोलन की भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है और इसे स्थायी राजधानी बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।
यूकेडी कार्यकर्ताओं ने पहाड़ों के विकास, स्थानीय लोगों के अधिकारों और पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजधानी के सवाल पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
विधानसभा मार्ग पर यातायात प्रभावित, पुलिस ने संभाली व्यवस्था
विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात रही। हालांकि, जंगलचट्टी बैरिकेडिंग के पास विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के कारण पुलिस को लगातार स्थिति संभालनी पड़ी। मार्ग बाधित होने से विधानसभा की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और अधिकारियों, कर्मचारियों तथा मीडियाकर्मियों को भी परेशानी हुई।
सत्र के पहले दिन हुए इन प्रदर्शनों के दौरान ग्राम प्रधानों की मांगों, विधानसभा की अवधि बढ़ाने, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने और प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने अपनी बात रखी।
