Case of Ramlal's suspicious death in Chamoli heats up; arrests demanded; 40-day ultimatum issued.
चमोली जिले के नारायणबगड़ ब्लॉक के कोठली गांव निवासी रामलाल की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल भी पकड़ता जा रहा है। मामले में कार्रवाई व संदिग्धों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल व रामलाल के परिजनों ने थराली में रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन से जल्द मामले का खुलासा करने की मांग भी की है।
मामला बीती 9 फरवरी का है। परिजनों के मुताबिक, रामलाल खेतों में गंभीर रूप से घायल व लहूलुहान हालत में मिले थे। उनके सिर पर पत्थरों से हमला किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत भी हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और गांव में कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी ही नहीं हुई है।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर यूकेडी कार्यकर्ताओं व रामलाल के परिजनों ने देवाल मुख्य तिराहे से तहसील परिसर तक रैली निकाली। इस दौरान परिजनों ने मामले में संदिग्ध व्यक्तियों का नार्को टेस्ट कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि नार्को टेस्ट से मामले की सच्चाई भी सामने आ सकती है।
वहीं, थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि नार्को टेस्ट की मांग को लेकर न्यायालय में प्रक्रिया पूरी भी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, न्यायालय के आदेश के बाद संबंधित दस्तावेज नार्को टेस्ट विभाग को भेजे जा चुके हैं और आगे की प्रक्रिया भी जल्द बढ़ाई जाएगी।
पुलिस के इस आश्वासन के बाद यूकेडी व रामलाल के परिजनों ने फिलहाल अपना धरना 40 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 40 दिन के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो जिला मुख्यालय पर दोबारा धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।
रामलाल के परिजनों का कहना है कि उन्हें उनकी मौत की सच्चाई सामने आने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार है।
