Massive tourist influx in Mussoorie; 35-km journey taking 5 hours; traffic jams bring the city to a standstill.
वीकेंड और लगातार छुट्टियों के चलते मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ भी उमड़ रही है। इससे पर्यटन कारोबार में तो रौनक है, लेकिन बड़ी संख्या में पहुंच रहे वाहनों ने शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित भी कर दिया है। देहरादून से मसूरी के करीब 35 किलोमीटर के सफर में पर्यटकों को 4 से 5 घंटे तक का समय लग रहा है।
मसूरी-देहरादून मार्ग पर जगह-जगह लंबा जाम भी देखने को मिल रहा है। शहर के मुख्य चौराहों से लेकर मालरोड तक वाहनों की लंबी कतारें भी लगी हैं। हालात ये हैं कि कई जगहों पर पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनने के बाद दिल्ली से देहरादून की करीब 215 किलोमीटर दूरी लगभग ढाई घंटे में तय भी की जा रही है, लेकिन देहरादून से मसूरी की महज 35 किलोमीटर दूरी तय करने में पर्यटकों को कई घंटे भी लग रहे हैं।
यह स्थिति उस समय है जब देहरादून पुलिस की ओर से वीकेंड के लिए 2 दिन पहले ही ट्रैफिक प्लान जारी किया गया था। इसके बावजूद पर्यटकों की भारी संख्या व वाहनों के दबाव के कारण कई इलाकों में यातायात धीमा हो गया।
पर्यटकों का कहना है कि मसूरी का सुहावना मौसम और प्राकृतिक सुंदरता उन्हें यहां खींचकर लाती है, लेकिन लंबे जाम की वजह से सफर का आनंद प्रभावित भी हो रहा है। शहर में सीमित पार्किंग व्यवस्था व सड़कों के किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों को भी यातायात दबाव बढ़ने की एक वजह माना जा रहा है।
मालरोड पर भी पर्यटकों की भारी भीड़ व वाहनों की आवाजाही के चलते पैदल चलना मुश्किल हो रहा है।
मसूरी भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने कहा कि
सीमित पुलिस बल के बावजूद मसूरी पुलिस यातायात व्यवस्था को संभालने व जाम से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन और वीकेंड पर वाहनों का दबाव अचानक ही बढ़ जाता है। ऐसे में मसूरी में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास भी किए जाएंगे।
उन्होंने स्थानीय लोगों से भी यातायात व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की और सड़कों पर अनावश्यक वाहन खड़े नहीं करने व ट्रैफिक नियमों का पालन करने का आग्रह किया।
वहीं, कांग्रेस नेता गौरव गुप्ता ने जाम की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि
मसूरी के विकास व पार्किंग सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।
गौरव गुप्ता ने कहा कि
दिल्ली से देहरादून पहुंचने में करीब ढाई घंटे लग रहे हैं, जबकि देहरादून से मसूरी पहुंचने में 5 घंटे तक का समय लग रहा है। उनके मुताबिक, यह स्थिति यातायात प्रबंधन व पार्किंग सुविधाओं को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत को दिखाती है।
फिलहाल एक तरफ पुलिस बल बढ़ाने व ट्रैफिक मैनेजमेंट मजबूत करने की मांग उठ रही है, तो दूसरी ओर पार्किंग की कमी का मुद्दा भी सामने है। छुट्टियों में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ ने एक बार फिर मसूरी के सामने चुनौती खड़ी कर दी है कि पर्यटन कारोबार की रौनक के साथ-साथ स्थानीय लोगों व सैलानियों की आवाजाही भी सुगम कैसे बनाई जाए।
