स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री धामी की 7 बड़ी घोषणाएं, युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को मिली बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवाओं, पूर्व सैनिकों, अग्निवीरों और लंबे समय से सरकारी जमीन पर काबिज लोगों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उन्होंने राज्य युवा आयोग की स्थापना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष औद्योगिक पार्क और बहादुर बच्चों के लिए बाल वीरता पुरस्कार समेत सात बड़ी घोषणाओं का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है और देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बलिदानी सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों के लिए यह राशि 50 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये कर दी गई है। प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने के साथ सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टांप शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री की सात प्रमुख घोषणाओं में राज्य युवा आयोग की स्थापना, 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण, उद्योग स्थापित करने के लिए बैंक ऋण पर 30 प्रतिशत सरकारी अनुदान, चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क की स्थापना, सीमावर्ती गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को अतिरिक्त स्वरोजगार सहायता तथा पट्टे और लंबे समय से सरकारी भूमि पर काबिज लोगों को भूमिधरी अधिकार देने के लिए विनियमितीकरण की समय सीमा बढ़ाना शामिल है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य सरकार की हिस्सेदारी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने और इस वर्ष से प्रदेश के बहादुर बच्चों को बाल वीरता पुरस्कार देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास और शीतकालीन यात्रा जैसी योजनाओं से प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को संरक्षण मिलने के साथ पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले वर्ष हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ महापर्व में श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बनेगा।