पूर्णागिरि दर्शन से लौट रही 15 वर्षीय किशोरी ने अस्पताल में दिया अविकसित शिशु को जन्म, जीरो FIR दर्ज
पूर्णागिरि धाम दर्शन से लौट रही उत्तर प्रदेश की 15 वर्षीय किशोरी ने टनकपुर अस्पताल में छह माह के अविकसित शिशु को जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद शिशु की मृत्यु हो गई। पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला जांच के लिए पीलीभीत पुलिस को भेज दिया है।
चंपावत/टनकपुर। उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक संवेदनशील मामला भी सामने आया है। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की एक 15 वर्षीय किशोरी ने टनकपुर उप जिला अस्पताल में 6 माह के अविकसित शिशु को जन्म भी दिया। जन्म के कुछ समय बाद ही शिशु की मृत्यु भी हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच के लिए प्रकरण उत्तर प्रदेश पुलिस को स्थानांतरित भी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, नाबालिग किशोरी अपने परिजनों के साथ मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन करने को आई थी। दर्शन के बाद वापस लौटते समय उसकी तबीयत अचानक ही बिगड़ गई। परिजन तत्काल उसे उपचार के लिए उप जिला अस्पताल टनकपुर में लेकर पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकीय जांच व निगरानी के दौरान किशोरी ने लगभग 6 माह के अविकसित शिशु को जन्म दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार शिशु की स्थिति अत्यंत गंभीर थी और जन्म के कुछ ही समय बाद उसकी मृत्यु भी हो गई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना भी दी। साथ ही आवश्यक चिकित्सीय व कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए डीएनए जांच के लिए नमूने सुरक्षित भी रखे गए हैं।
टनकपुर पुलिस ने मामले में जीरो एफआईआर दर्ज भी कर ली है। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद प्रकरण को संबंधित क्षेत्राधिकार के अनुसार उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जनपद स्थित संबंधित थाने को जांच के लिए स्थानांतरित भी किया जा रहा है।
टनकपुर कोतवाली प्रभारी चेतन रावत ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच भी की जाएगी। जांच रिपोर्ट, चिकित्सकीय साक्ष्यों व अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि चूंकि किशोरी नाबालिग है, इसलिए मामले की जांच विशेष संवेदनशीलता व गोपनीयता के साथ की जाएगी। फिलहाल सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य संबंधित पुलिस इकाई को भेजे भी जा रहे हैं।
मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किशोरी के गर्भवती होने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं व क्या किसी प्रकार का आपराधिक कृत्य हुआ है। यदि जांच में कोई अपराध सामने आता है तो संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई भी की जाएगी।