साइबर ठगी के पैसों की लेयरिंग करने वाले गिरोह पर STF की बड़ी कार्रवाई, 3 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराधियों को म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की रकम को छिपाने व ट्रांसफर करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई भी की है। मामले में 3 आरोपियों के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, शेयर मार्केट फ्रॉड, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड समेत विभिन्न साइबर अपराधों से अर्जित धनराशि को बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त कर उसकी लेयरिंग व वितरण करने में सक्रिय था। इसके लिए आरोपियों द्वारा अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड व इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं साइबर अपराधियों को उपलब्ध भी कराई जा रही थीं।
मुख्यमंत्री के निर्देश व पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में एसएसपी एसटीएफ द्वारा साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट्स के खिलाफ विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इसी क्रम में साइबर टीम ने बैंकिंग रिकॉर्ड, केवाईसी दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, मनी ट्रेल, एनसीआरपी पोर्टल, आई4सी इनपुट्स व अन्य वित्तीय दस्तावेजों का गहन विश्लेषण किया।
जांच में पाया गया कि साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को पहले एक बैंक खाते में जमा भी किया जाता था, जिसके बाद उसे एटीएम निकासी, पीओएस ट्रांजेक्शन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से कई स्तरों पर ट्रांसफर कर वास्तविक अपराधियों तक भी पहुंचाया जाता था। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मनी ट्रेल को जटिल बनाकर जांच एजेंसियों से भी बचना था।
प्रारंभिक जांच व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका धनराशि के संग्रह, छिपाने, लेयरिंग व वितरण में सामने आई है। आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में एफआईआर संख्या 32/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता व आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत भी किया गया है। मामले में अन्य संदिग्ध व्यक्तियों व बैंक खातों की भी जांच जारी है।
एसएसपी एसटीएफ ने चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति को लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराना भी अपराध है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।